आई एम सॉरी मम्मी-पापा। मैं इंजीनियर नहीं बन सकती। मुझसे पढ़ाई नहीं हो रही है। मैं बहुत दबाब में हूं, इसलिए मैं यह कदम उठा रही है। ऐसा लेटर लिखकर इंजीनियरिंग की एक स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया।
बच्चे ने पढ़ाई शुरू भी नहीं की कि घरवाले उसे डॉक्टर-इंजीनियर बनाने का ख्वाब देखने लग जाते हैं। फिर बच्चे पर इस ख्वाब को सच करने का दवाब बनाया जाने लगता है। घरवाले बेटा-बेटी यह नहीं पूछते कि तुम क्या बनना चाहते हो, तुम्हारी किस फिल्ड में रुचि है? बस स्टेटस ऑफ सिंबल और बच्चे का भविष्य उज्ज्वल होने के बहाने में परिजन बच्चों को इस तरह से बड़ा करते हैं कि तुम्हें कल यहीं बनना है। इस परेशानी में जूझते हुए कई बच्चे तिल-तिल कर आगे बढ़ते हैं तो कई जिंदगी से नाराज होकर मौत को गले लगा लेते है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है हरियाणा के पानीपत जिले से। यहां इंजीनियरिंग की एक स्टूडेंट ने चार मंजिल वाले बिल्डिंग से कूद कर अपनी जान दे दी। घटना गुरुवार की है। मरने वाली लड़की की पहचान जाह्नवी के रूप में हुई है। जाह्नवी 20-21 साल की थी। उसकी मौत के बाद घर में मातम पसरा है।
पानीपत में इंजीनियर स्टूडेंट ने किया सुसाइट-
मिली जानकारी के अनुसार जाह्नवी पानीपत की रहने वाली थी। वह पानीपत स्थित PIET कॉलेज में कंप्यूटर सांइंस के दूसरे वर्ष की छात्रा थी। गुरुवार दोपहर वह कॉलेज के एक ब्लॉक की चौथी मंजिल पर चली गई। वहां से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गई। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। जो बाद में सच साबित हुई।
NH-44 पर स्थित PIET कॉलेज का मामला-
हरियाणा के पानीपत में NH-44 पर स्थित PIET कॉलेज में छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में चौथी मंजिल से नीचे गिर गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया और गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही कॉलेज के अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्रा को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर उसकी मौत हो गई। समालखा थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जांच शुरू की। जांच के दौरान जाह्नवी का सुसाइड लेटर बरामद हुआ। जिसे पढ़कर घरवालों के साथ-साथ पुलिस जवानों की आंखें भी नम हो गई।
जाह्नवी का एक पेज का सुसाइड नोट मिला-
मामले की जांच कर रहे चौकी इंचार्ज ASI राणा प्रताप ने बताया कि पुलिस जांच में छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट बरादम हुआ है। इस 1 पेज के सुसाइड नोट में छात्रा ने पढ़ाई न कर पाने की बात की वजह से आत्महत्या किए जाने का जिक्र किया है। पेज के एक कोने पर लिखा 'I QUIT' है। जबकि दूसरे कोने पर 'आई लव यू मम्मी-पापा' लिखा है।
आई एम सॉरी मम्मी-पापा, मैं इंजीनियर नहीं बन सकती....
जाह्नवी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि आई एम सॉरी मम्मी-पापा। मैं इंजीनियर नहीं बन सकती। मुझसे पढ़ाई नहीं हो रही है। मैं बहुत दबाब में हूं, इसलिए मैं सुसाइड कर रही हूं। इसे पढ़कर सभी की आंखें नम हो जा रही है। जाह्नवी की कहानी हमे सीख देती है कि बच्चों पर जरूरत से ज्यादा अपनी अपेक्षाओं का दवाब नहीं दें। बच्चा क्या बनेगा इसे उसकी रूचि और उससे बातचीत कर तय करें।
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