
Punjab man 'creates' twin brother, 'kills' him to fulfill his dream to live US
जसविंदर सिंह नाम के पंजाबी व्यक्ति का सपना अमरीका में बसने का है, जिसे पूरा करने के लिए उसने ऐसा शॉर्टकट तरीका अपनाया कि आप उसे जानकर चौंक जाएंगे। पटियाला के रहने वाले 26 साल के जसविंदर सिंह को अमरीका में रहना था। इसके लिए सबसे पहले उसने एक झूठी कहानी बनाई, जिसमें उसने सबसे पहले एक काल्पनिक जुड़वा भाई को बनाया और फिर उसकी अमरीका में हत्या दिखा दी।
ये उसने इसलिए किया ताकि उसे अपने भाई का अंतिम संस्कार करने अमरीका का वीजा मिल जाए। जबकि न उसका कोई जुड़वा भाई था और न ही किसी की हत्या हुई थी। इस हत्या को सही साबित करने के लिए जसविंदर ने न्यूयॉर्क में प्लिजेंटविले के 'बीचर फ्लक्स फ्यूनरल होम' का एक लेटर दिखाया, जिसमें उसके जुड़वा भाई की फोटो भी थी। इस फोटो में जसविंदर के द्वारा बताए गए जुड़वा भाई की समानता देखकर अमरीका दूतावास के अधिकारी हैरान हो गए।
जसविंदर ने दूतावास के अधिकारियों को सुनाई झूठी कहानी
जसविंदर सिंह अमरीकी वीजा के इंटरव्यू के लिए 6 दिसंबर को पटियाला से दिल्ली आया। इसके बाद वह अमरीकी दूतावास पेपर्स दिखाया और झूठी कहानी सुनाई। उसने जो पेपर्स दिए उसमें उसने दिखाया कि वह 2017 तक क्राइम ब्रांच ऑफिसर के पद पर पुणे में तैनात था। आंसूओं के साथ उसने अधिकारियों को बताया कि कैसे उसके जुड़वा भाई की मौत हुई और वहां उसका जाना क्यों जरूरी है। जसविंदर ने अधिकारियों को बताया कि अपने जुड़वा भाई का इकलौता करीबी रिश्तेदार है, जो भारत में रहता है।
दूतावास अधिकारियों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी जसविंदर की कहानी
अमरीकी दूतावास अधिकारियों के सामने जसविंदर की झूठी कहानी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। अधिकारियों ने पता लगाया तो पता चला कि कुलविंदर सिंह के नाम कोई व्यक्ति न्यूयॉर्क के उस इलाके में न ही रहता है और न ही इस नाम के किसी भी व्यक्ति की मौत हुई है। इसके बाद जब अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपनी झूठी कहानी के बारे में बताया और उसने यह भी खुलासा किया कि अमरीका में रहने वाले उसके दोस्त ने अंतिम संस्कार लेटर पाने में उसकी मदद की थी, जिसे उसने ईमेल के जरिए भेजा था।
पुलिस ने जसविंदर के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
पुलिस ने जसविंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें जांच किया जा रहा है कि क्या उसे अवैध मानव तस्करी में शामिल किसी गिरोह ने तो दूतावास नहीं भेजा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि इस मामले की जांच के लिए एक टीम पंजाब भी भेजी जाएगी।
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Published on:
14 Dec 2022 07:37 pm
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