नई दिल्ली/कोच्चि। केरल के सोलर पैनल प्रोजेक्ट घोटाले की मुख्य आरोपी सरिता एस नायर ने सोमवार को यहां के हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके घोटाले में मुख्यमंत्री ओमन चांडी की कथित भूमिका की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। सरिता नायर के इस याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
सरिता ने याचिका में कहा है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है। सरिता नायर ने कहा कि इस मामले की दोबारा से जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक पहले का किया हुआ जांच सत्य और निष्पक्ष नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव को दिए 5 लाख
सरिता का नाम इस घोटाले में आने के बाद केरल की राजनीति में हंगामा मचा हुआ है। सरिता एस नायर ने सोमवार को कहा था कि प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव को मैंने 5 लाख रुपए कैश में पार्टी फंड के नाम पर दिए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव के पहले जांच रिपोर्ट को पेश किया जाता तो ज्यादा बेहतरप होता। उन्होंने कहा कि इस से लोगों को सच्चाई का पता चलता और उन्हें सही निर्णय लेने में मदद मिलती।
मुख्यमंत्री के भूमिका की हो जांच
सरिता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल ने एक प्रमुख सोलर प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए कारोबारी एम श्रीधरन नायर को कथित रूप से राजी करने में केरल के मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच नहीं की। विवादित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी टीम सोलर रिन्यूएबल एनर्जी सोल्यूशंस की एक डायरेक्टर और इस मामले में आरोपी सरिता ने मुख्यमंत्री कार्यालय को कंपनी से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि श्रीधरन नायर ने मुख्यमंत्री से मिलकर मेगा सौर परियोजना में 40 लाख रुपए की शुरुआत राशि का निवेश करने से पहले उनसे निजी आश्वासन पाया था।
सेक्स की वजह से करते थे मेरी मदद
36 साल की सरिता के कारण केरल में ओमन चांडी की कुर्सी पर खतरा बना हुआ है। बता दें कि पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुद सरिता ने खुलासा किया था कि नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और उनके प्राइवेट सेक्रेटरी तक केवल सेक्स की वजह से घोटालों में उसकी मदद किया करते थे।