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हाथ में लगी मेहंदी भी नहीं छूटी और छूट गया साथ

जौरासी की आदिवासी बस्ती मेें दंपती ने लगाई फांसी Even the henna on the hand did not leave and the company left,news in hindi, mp news, dabra news

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हाथ में लगी मेहंदी भी नहीं छूटी और छूट गया साथ

हाथ में लगी मेहंदी भी नहीं छूटी और छूट गया साथ

डबरा. जौरासी की आदिवासी बस्ती में फांसी लगाकर मौत को गले लगाने वाली महिला रूपवती की शादी हुए अभी पंद्रह दिन ही हुए थे। मृत युवती के हाथ में लगाई गई मेहंदी भी अभी नहीं छूटी थी कि मोबाइल ने उन्हें एक दूसरे से जुूदा कर दिया। उसके पति मुकेश ने भी मंगलवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी।
दोनों को परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना स्थल पर मौजूद युवती की मां सबोद्राबाई ने बताया कि २९ मई को घाटीगांव में सामूहिक विवाह सम्मेलन में उसकी बेटी रूपवती का जौरासी के मुकेश आदिवासी से विवाह हुआ था। सुबह सूचना मिली कि उनकी बेटी व दामाद ने फांसी लगा ली है। तब वे दौड़े-दौड़े गए।

पहले महिला ने लगाई फांसी, फिर युवक झूला
पुलिस ने बताया कि पहले गुस्से में रूपवती ने फांसी लगा ली। इसके बाद महिला के शव को पति मुकेश आदिवासी ने पड़ोसी के सहयोग से नीचे उतारा व कुछ समय बाद उसने भी उसी साड़ी से फांसी लगा ली। मौके पर साड़ी दो भागों में कटी मिली है।

दूसरी शादी की थी मुकेश ने
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह बात चर्चा में आई है कि मोबाइल से बात करने को लेकर झगड़ा हुआ व इसी बात पर गुस्से में आकर पत्नी ने फांसी लगा ली। पति पत्नी ने उस समय फांसी लगा ली जब घर के सभी सदस्य कहीं बाहर गए थे। युवक के पिता दशरथ ने बताया कि वह घर से बाहर गए हुए थे। पुलिस ने बताया कि मुकेश की पहली पत्नी का निधन बीमारी से हो गया था। यह उसकी दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से तीन साल की बच्ची है। लेकिन अब पिता व दूसरी मां की मौत के बाद उस बच्ची के सिर से मां बाप का साया उठ गया है।