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औसत से 1५ इंच ज्यादा रहा इस मानसून सत्र में बारिश का आंकड़ा, अब पानी गिरा तो बोनस

2019 में हुई थी सर्वाधिक 55.9 इंच बारिश, इस साल 44.9 इंच पर पहुंचा बारिश का आंकड़ा

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डबरा

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rishi jaiswal

Oct 01, 2023

औसत से 1५ इंच ज्यादा रहा इस मानसून सत्र में बारिश का आंकड़ा, अब पानी गिरा तो बोनस

औसत से 1५ इंच ज्यादा रहा इस मानसून सत्र में बारिश का आंकड़ा, अब पानी गिरा तो बोनस

झाबुआ. मानसून सीजन शनिवार को समाप्त हो गया। इस बार 30 सितंबर तक जिले में कुल 44.9 इंच औसत बारिश हुई। यह आधिकारिक औसत वर्षा के आंकड़े 30 इंच से 14.9 इंच अधिक है। अब यदि पानी गिरा तो वह बोनस ही रहेगा।

गौरतलब है कि मानसून सत्र जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस बार ऐसा भी दौर आया जब सावन पूरी तरह से रिता रहा और लगा कि सारे जल स्त्रोत खाली रह जाएंगे। यह भी संभावना बन गई थी कि इस बार बारिश का आंकड़ा जिले के औसत तक भी नहीं पहुंच पाएगा। इसी बीच भादौ में बारिश की एसी झड़ी लगी कि चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। सारे जलाशय लबालब हो गए तो नदियां अपने पूरे वेग के साथ बहने लगी। इसका असर अब भी नजर आ रहा है। जिले की सभी प्रमुख नदियां अब भी उसी तरह से प्रवाहित हो रही है।

यदि पिछले 10 सालों के बारिश के आंकड़े देखें तो ऐसा तीन बार हुआ है जब मानसून सत्र यानी 30 सितंबर तक औसत 40 इंच या इसस अधिक बारिश हुई। इसके पहले वर्ष 2019 में सर्वाधिक 55.9 इंच पानी बरसा था। जबकि 2016 में मानसून सत्र में बारिश का आंकड़ा 43.9 इंच रहा था। वहीं 2020 में औसत वर्षा का आंकड़ा 39.82 इंच दर्ज किया गया था।

भविष्य के लिए बेहतर हालात
मानसून सत्र में हुई जोरदार से रबी की सीजन में किसानों को ङ्क्षसचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल पाएगा। वही भूजलस्तर में भी बढ़ोतरी होगी। जिन इलाकों में गर्मी की शुरुआत में ही बोङ्क्षरग बंद हो जाते हैं, वहां जल संकट जैसे हालात निर्मित नहीं होंगे।

पूर्वी मप्र में हो सकती है बारिश
&औपचारिक तौर पर मानसून सत्र 30 सितंबर तक ही माना जाता है। हालांकि अभी बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में दो सिस्टम एक्टिव हो रहे हैं, जिससे पूर्वी मप्र में बारिश हो सकती है। जहां तक मानसून की विदाई की बात है तो उसके लिए सारी मौसमी परिस्थितियों को देखा जाता है। जैसे बादल कम होने लगते हैं। ओस गिरना शुरू हो जाती है। सुबह और दोपहर के समय की आद्रता भी देखी जाती है। इसके बाद अधिकृत रूप से मानसून की विदाई की घोषणा की जाती है।
डॉ. आरके त्रिपाठी, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, झाबुआ

3000 रु. का इनामी वारंटी गिरफ्तार
थांदला रोड. पुलिस ने फरार स्थाई वारंटी काना पिता सज्जनङ्क्षसह गोयल निवासी नौगांवा जो कि एनडीपीएस एक्ट में काफी समय से फरार था। उसे गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी ने 3000 रुपए की घोषणा की थी। शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वारंटी रेल्वे स्टेशन नौगांवा पर कही जाने के लिए खडा है। सूचना पर चौकी प्रभारी नौगांवा द्वारा अपनी टीम के साथ दबिश देकर वारंटी काना को गिरफ्तार किया। जिसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया।