
भूखे हैं हम, एक वक्त का ही मिला भोजन
डबरा. लॉकडाउन के कारण अब गरीब वर्ग का धैर्य टूटने लगा है। शनिवार को सौ से ज्यादा महिलाएं अपने बच्चों के साथ तहसील कार्यालय पहुंची। इन महिलाओं ने पेट की भूख को लेकर घेराव किया। इन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों से हमारे घरों में चूल्हा नहीं जला है।
पिछले दो दिनों से नगर पालिका कार्यालय से मिलने वाले भोजन के पैकेट भी नहीं मिले। दो दिनों तक जो पैकेट मिले वो भी एक समय के भोजन के ही थे।
आधा घंटे से अधिक समय तक यह महिलाएं तहसील परिसर में एसडीएम बंगले के सामने बैठी रही। इनकी सुनवाई के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। यहां एक साथ कई महिलाएं समूह में बैठी हुई दिखी। कई महिलाओं के चेहरें तक नहीं ढंके थे। जिससे सोशल डिस्टेंस के नियमों की हवा निकली। दरअसल इन्हें न तो एक वक्त की रोटी मिल रही है और न ही कोइ्र राशन। जिससे इनकी स्थिति दयनीय हो चली है।
प्रशासन से नहीं मिल रही मदद : वैसे तो शासन-प्रशासन की कई योजनाएं है लेकिन उसका लाभ इन्हें नहीं मिल पा रहा है। भला हो नगर की सामाजिक संगठनों का जो अपने स्तर पर इनकी मदद कर पा रहा है।
वार्ड 19 में रहने वाली कमला वर्मा ने बताया कि मजदूरी नहीं मिल रही है। मेरे बच्चे को लकवा है वह कुछ कर नहीं पाता है। मेरे घर में खाने तक की व्यवस्था नहीं है। कोई अधिकारी भी नहीं सुन रहा है और न ही कोई मदद मिली है।
वार्ड .9 में रहने वाली शांति बाई ने बताया तीन दिन से घूम रहे है। दो दिन पहले अधिकारियों ने कहा था कि घर पर राशन पहुंच जाएगा लेकिन अभी तक नहीं पहुंचा है । ऐसे में हमारे सामने खाने के लाले पड़े है।
मदरसा के पास रहने वाली रिजवाना ने बताया कि पिछले शनिवार को नगर पालिका आई थी भोजन के पैकेट मिले थे लेकिन तब से दो बार आई लेकिन अब कुछ नहीं मिला है। ऐसे एसे में उनके घर खाने की समस्या आ गई हेै। नंदू का डेरा में रहने वाली भूरी बाई ने बताया कि वे किराए से रह रही है। मजदूरी नहीं मिलने से किराया नहीं दिया और तीन दिन खाने के लिए भी मोहताज है।
Published on:
11 Apr 2020 09:27 pm
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