
सीएमओ को क्यों सौंपी महिला पार्षदों ने चूड़ी
डबरा. नगर पालिका डबरा की नवीन परिषद का दूसरा सम्मेलन हंगामेदार रहा। बैठक के दौरान पक्ष विपक्ष के पार्षद काफी शोर शराबा करते दिखे। सभी 111 प्रस्तावों को पास किया गया है। सम्मेलन के दौरान बार बार पार्षदगण सदन की मर्यादा को तोड़ते रहे। यहां तक कि बातचीत में शिष्टाचार को भी त्याग दिया गया।
एजेंडे पर चर्चा को लेकर पीआईसी सदस्य धर्मेंद्र सिंह हैप्पी व पार्षद अन्नी जायसवाल के बीच चर्चा बेहद तनातनी तक जा पहुंची। इस दौरान अन्य पार्षद बीच- बचाव करते हुए आगे आ गए। तब जाकर दोनों शांत हुए। उधर, सदन की टूटती मर्यादा पर नपाध्यक्ष लक्ष्मीबाई खामोश बैठी रहीं। काफी समय तक शोर शराबा हुआ। खास बात यह रही है करीब चार साल से नामांतरण पर लगी रोक को परिषद नेे सर्वसहमति से हटा दिया। अब अगली बैठकों में नामांतरण के प्रस्ताव पास किए जाएंगे। चार साल के दौरान करीब ४ हजार प्रकरण लंबित हो गए है। वहीं महिला पार्षदों ने उनके क्षेत्र में कार्य नहीं होने के विरोध में सीएमओ को चूडिय़ां सौंपी ।
जनता की यह कुर्सी है
पार्षद कपिल चौहान ने सदन से जवाब मांगा कि अध्यक्ष व सीएमओ कब, किस समय कार्यालय में बैठते है। इस बात पर अध्यक्ष खमोश बनी रहीं। पीआईसी सदस्य व उपाध्यक्ष सत्येन्द्र दुबे ने बताया कि सीएमओ को तीन नगरीय निकाय का प्रभार है, जिससे उनके बैठने का समय निर्धारित नहीं है। नगर पालिका अध्यक्ष के नहीं बैठने पर पीआइसी सदस्य धर्मेंद्र सिंह हेैप्पी ने कहा कि वह महिला है और बुजुर्ग हैं। इस बात पर बवाल मचा और कपिल ने कहा कि यह कुर्सी जनता की है, जनता की समस्या सुननी पड़ेगी। विपक्ष पार्षदों के जबाव अध्यक्ष की जगह उपाध्यक्ष व पीआइसी सदस्य ही देते रहे।
Published on:
21 Jan 2023 06:39 pm
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