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हत्याकांड में जेल में बंद १५ बंदियों ने किया हंगामा , नहीं खाया खाना तो जेलर ने की अधिकारियों से बात- देखिए वीडियो

जेलर ने न्यायाधीश, एसपी व कलेक्टर से की शिकायत  

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15 prisoners lodged in jail in the massacre did not eat food, eat food

15 prisoners lodged in jail in the massacre did not eat food, eat food

दमोह/हटा. हटा नगर में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में बंद करीब १५ बंदियों द्वारा जेल में हंगामा करने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि मामले में जेलर का कहना है कि आरोपी अवैधानिक दबाव बनाते हुए वीआइपी सुविधाएं चाह रहे हैं। जिसे उपलब्ध नहीं कराने पर वह जेल प्रबंधन पर जबरन दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जिसको लेकर उन्होंने एसपी, कलेक्टर सहित न्यायाधीश को समूचे घटनाक्रम से अवगत करा दिया है। मामले में न्यायाधीश से वीडियो कांफें्रसिंग से भी बात कराई गई है। लेकिन उसके बाद भी राजनीतिक दबाव के साथ आरोपी जेलर से वीआइपी व्यवस्थाएं देने की मांग कर रहे हैं। जिन्होंने शक्रवार को जेल में मिलने वाला भोजन भी नहीं किया और वह अनशन करने की धमकी दे रहे हैं।
पूरे मामले से अवगत कराने के बाद उच्चाधिकारी जांच में जुट गए हैं।

क्या है पूरा मामला -
हटा नगर में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या होने के आरोप में सात नामदज सहित अन्य करीब २०-२५ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। जिसमें एक-एक कर आरोपियों की लगातार गिरफ्तारी की जा रही है। इस मामले में अभी तक हटा जेल में १५ आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर बंदी बनाया गया है। जिसमें १५ मार्च को होने वाली घटना के बाद से लगातार कुल १५ आरोपी हटा जेल में बंद हैं। एक आरोपी को सेंट्रल जेल भेजा गया है।

ऐसे हुई शुरूआत-
हटाउप जेल में बंद देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड के १५ आरोपियों को करीब एक सप्ताह पूर्व न्यायालय से भेजा गया था। जिसको लेकर जेलर ने बताया कि उन्होंने अन्य बंदियों पर दबिश बनाना शुरू कर दिया था। वह जेल प्रबंधन से बाहर से व्यवस्थाएं कराने के लिए दवाब बनाने लगे थे। जिन्होंने खाना पीना से लेकर अन्य सुविधाओं की मांग की थी। उन्होंने बताया कि हटा उपजेल में इस समय कुल 93 पुरुष व 3 महिला बंदी बंद हैं। जिसमें एक एक बच्ची भी शामिल है। जेल में न्यायालय से बंद किए जाने के बाद आरोपी वीआइपी सुविधाएं चाह रहे हैं। जबकि सभी बंदियों को एक समान सुविधाएं दी जा रही हैं। ऐसा नहीं करने पर वह हंगामा कर रहे हैं। खाने में कीड़़े निकलने सहित अन्य झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह सभी १५ आरोपियों द्वारा खाना नहीं खाने की सूचना उन्हें मिली थी। जिन्होंने अन्य कैदियों पर भी खाना नहीं खाने का दबाव बनाया था। जिससे अन्य कैदी भी खाना नहीं खा रहे थे। जिन्हें विभिन्न तरह का लालच दिया जा रहा था। बाद में बड़ी मुश्किल से समझाइस के बाद उन्होंने खाना खिलाया गया।

वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराई थी न्यायाधीश से बात-
मामले में जेलर फहीम खान ने बताया कि उन्होंने गुरुवार शाम को न्यायाधीश शरद कुमार लिटोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात कराई थी। उस समय केवल पेशी से संबंधित बात हुई थी। लेकिन जब बाद में आरोपीगण जेलर पर बाहर का खाना मंगाकर खाने व अन्य सुविधाएं मांगी गई तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया था। जिसके बाद आरोपियों ने शुक्रवार को खाना नहीं खाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।

सुरक्षा व्यवस्था हो रही चौपट -
हटा उपजेल में होने वाले इस घटनाक्रम के बाद जेलर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। जिन्होंने तुरंत ही कलेक्टर, एसपी सहित संबंधित न्यायाधीश को समूचे घटनाक्रम से अवगत कराया है। जिसमें घटना से अवगत होने के बाद आरोपियों को अन्य जेल में रखे जाने के लिए योजना बनाई जा रही है। जिससे जेल का अनुशासन बिगड़ न सके।

यह आरोपी हटा जेल में हैं बंद -
देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड वाले मामले में अभी तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से १५ आरोपियों को जेल में रखा गया है। जिनमें लोकेश पिता करोड़ी पटैल, गोलू पिता वीरेंद्र, श्रीराम शर्मा पिता जमना शर्मा, विकास पिता बालाप्रसाद, अमजद पिता अबरार खान, बलवीर पिता बहादुर,आशिक पिता अजीम खान, मोनू पिता कमलेश, अनीश खान पिता गुड्डू खान, राजेंद्र पिता राजा, संदीप पिता समुद्र सिंह, सोहेल पिता हनीफ खान, शाहरूख पिता अब्दुल रसीद, आकाश पिता आजाद, भान सिंह पिता अरबल सिंह शामिल हैं। जो हटा उपजेल में इस समय बंदी हैं। जो इस समय हटा जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद हैं।

जेलर ने रखा अपना पक्ष -
मामले में हटा उपजेल में पदस्थ जेलर फहीम खान का कहना है कि वह देवेंंद्र चौरसिया हत्याकांड में बंद बंदियों से परेशान हैं। वह अपने तरीके से वीआइपी ट्रीटमेंट चाहते हैं। जिसमें बाहर का खाना, वाइन, बीड़ी बगैरह चाह रहे हैं। लेकिन वह ऐसा करने पर साफ मना कर रहे हैं। जिससे वह हंगामा मचा रहे हैं और दूसरे बंदियों को भड़काते हुए व दबाव बनाते हुए उन्हें भी खाना नहीं खाने दे रहे हैं। मामले में कुछ राजनीतिक दबाव भी उनके ऊपर डाला जा रहा है। जिससे वह और भी परेशान हो गए हैं। जिन्होंने न्यायाधीश सहित कलेक्टर व एसपी को अवगत करा चुके हैं। वह जल्द ही मामले में दिशा-निर्देश देंगे। जेलर ने यह भी बताया कि वह पिछले दो साल से पदस्थ हैं जिनके ऊपर किसी भी तरह का आरोप नहीं है। किसी भी बंदी को कोई परेशानी नहीं हुई। जबकि इन आरोपियों ने आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। जेलर ने दावा किया है कि प्रदेश की अन्य जेलों से वह बेहतर खाना दे रहे हैं।