
मध्य प्रदेश के दमोह शहर में देर रात को 1842 में बना हॉक गंज बरंडा का 150 साल पुराना ऐतिहासिक द्वार ढह ( Hawkganj Baranda Gate Collapse ) गया। वैसे तो ये शहर का व्यस्ततम इलाका माना जाता है, जहां दिन के समय दरबाजे के आसपास सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, लेकिन हादसे में बड़ी राहत की बात ये रही कि रात के समय होने के कारण दुर्घटना के समय स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद नहीं थी, जिससे राहत की बात ये रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, दुर्घटना में पड़ोस के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहा एक मजदूर दब गया था, जिसे घायल अवस्था में रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया गया है। वहीं, अब इस मामले में दरवाजे के गिरने का वीडियो सामने आया है, जो बेहद हैरान कर देने वाला है।
शहर के बीचों बीच स्थित सिटी कोतवाली इलाके के बाजार बरंडा में दरवाजे से लगकर बने एक भवन में निर्माण कार्य के लिए खुदाई चल रही थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान जेसीबी मशीन का पंजा दरवाजे के किनार से टकराते ही ये भरभराकर गिर गया। इस दुर्घटना में जेसीबी मशीन के साथ एक मजदूर भी दब गया था, जिसे रात में ही रेस्क्यू टीम ने घायल अवस्था में बाहर निकालकर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। फिलहाल, 150 साल पहले बने इस ऐतिहासिक दरवाजे के चंद सेकंडों में भरभरा कर गिरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगा है।
जानकारी ये भी सामने आई है कि इस ऐतिहासिक दरवाजे से लगकर जिस शख्स के निर्माणाधीन मकान में खुदाई का काम चल रहा था, उसका नाम स्वप्निल बजाज है। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके में मकान मालिक स्वप्निल बजाज बिना परमिशन भवन निर्माण का काम करा रहा था। हालांकि, घटना के बाद से ही कोतवाली पुलिस के साथ साथ नगरपालिका और एसडीआरएफ टीमें मौके पर मौजूद हैं। साथ ही रेस्क्यू अभियान चलाए जाने तक दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर और दमोह एसपी मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल, बिना अनुमति मकान का निर्माण कार्य करा रहा स्वप्निल बजाज रात से ही फरार है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है।
Updated on:
19 May 2024 11:26 am
Published on:
19 May 2024 11:25 am
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