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झूठे प्रेम व नौकरी का झांसा देकर युवतियों को महानगर ले जाने वाला गिरोह सक्रिय

महिला अपराध: हालही में पुलिस द्वारा दस्तयाब की युवतियों ने किया पूछताछ में खुलासा, गिरोह तक पहुंचने पुलिस के पास नहीं ठोस प्लानिंग दमोह. जिले में स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को प्रेमजाल और नौकरी का झांसा देकर तस्करी की कोशिश के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल ही में जिले के विभिन्न […]

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दमोह

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Hamid Khan

Feb 18, 2025

झूठे प्रेम व नौकरी का झांसा देकर युवतियों को महानगर ले जाने वाला गिरोह सक्रिय

झूठे प्रेम व नौकरी का झांसा देकर युवतियों को महानगर ले जाने वाला गिरोह सक्रिय

महिला अपराध: हालही में पुलिस द्वारा दस्तयाब की युवतियों ने किया पूछताछ में खुलासा, गिरोह तक पहुंचने पुलिस के पास नहीं ठोस प्लानिंग

दमोह. जिले में स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को प्रेमजाल और नौकरी का झांसा देकर तस्करी की कोशिश के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल ही में जिले के विभिन्न इलाकों से लापता हुई कुछ युवतियों को पुलिस ने दस्तयाब किया, जिन्हें झूठे प्रेम या आकर्षक जॉब ऑफर का लालच देकर बड़े शहरों में ले जाया गया था। हालांकि, ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अब तक कोई ठोस अभियान नहीं चलाया गया है, जिससे यह गिरोह बेरोजगार युवतियों और छात्राओं को आसानी से अपना निशाना बना रहे हैं।

छात्राओं के लापता होने से जुड़े कुछ प्रमुख मामले: विगत माह: देहात थाना क्षेत्र से एक युवक कॉलेज छात्रा को प्रेमजाल में फंसाकर दिल्ली ले गया था। इसी तरह अक्टूबर माह में दो स्कूली छात्राएं अचानक लापता हो गई थीं, जिन्हें पुलिस ने बाद में खोज निकाला। जांच में सामने आया कि वे कुछ युवकों के बहकावे में आकर घर से चली गई थीं।

वहीं जुलाई माह में केएन कॉलेज की चार छात्राएं अचानक गायब हो गई थीं, जो बाद में मुंबई में मिलीं थीं। वहीं मामले में एएसपी संदीप मिश्रा का कहना है कि गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही ऐसे अपराधों को अंजाम देने वालों की शीघ्र ही पकड़ा जाएगा। वहीं जागरूकता को लेकर स्कूल कॉलेजों में पुलिस द्वारा जानकारियां दी जातीं हैं।

गिरोह ने ग्रामीण इलाकों तक फैलाया जाल

सूत्र बताते हैं कि ऐसे गिरोह शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में सक्रिय हैं। ये खासकर बेरोजगार छात्राओं को निशाना बनाते हैं और उन्हें आकर्षक नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

इस तरह के प्रलोभन देकर फंसा रहे

कुछ मामलों में सामने आया है कि आरोपी युवतियों को बड़े सपने दिखाकर बड़े शहरों में ले जाते हैं, जहां उन्हें गलत इरादों से इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है। कई छात्राओं को बाद में समझ आता है कि उनके साथ धोखा हुआ है। वहीं, जब परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई, तब पुलिस ने सक्रियता दिखाई और युवतियों को सुरक्षित बरामद किया। लेकिन इन मामलों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान या किसी संगठित गिरोह की शिनाख्त के लिए विशेष प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

एक्सपर्ट व्यू

मामले में सीनियर अधिवक्ता अरविंद शर्मा का कहना है कि छात्राओं के लिए सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाए, स्कूल-कॉलेजों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए। गुमशुदगी और तस्करी से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्रवाई हो। जॉब का झांसा देकर घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि इस तरह के मामले समय रहते नहीं रोके गए, तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि जिले की छात्राएं सुरक्षित रह सकें।