
हादसों के बाद भी नहीं सुधर रही स्थिति, मनमाने तरीके से हो रहा बसों का संचालन
दमोह. जिले में लगातार बस हादसों की खबरें आ रही हैं, जिसका कारण अनफिट और ओवरलोड़ चल रहीं बसें बताई जाती हैं। बड़े हादसों के बाद सड़कों से गायब नजर आने वाली यह बसें अब फिर से नजर आने लगी हैं। जो जिले के आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इन बसों की कंडम स्थिति को देखने के बाद भी ग्रामीण इनमें ठुसकर जाने तैयार रहते हैं, जिसका कारण इन क्षेत्रों में अन्य साधन नहीं होना भी होता हैं। खास बात यह है कि यात्रियों की जान से रोजाना खिलवाड़ होने के बाद भी परिवहन विभाग द्वारा अनदेखी की जा रही हैं।
शनिवार को एक बार फिर बस स्टैंड और सड़कों पर संचालित बसों की स्थिति देखने के लिए पत्रिका पहुंचा। जहां हादसे के बाद गायब नजर आईं बसें भी देखने मिलीं। बस स्टैंड पर दर्जन भर से अधिक बसें कंडम स्थिति में दिखी, जो सड़कों पर दौडऩे के लिए तो खड़ी थीं, लेकिन इनकी स्थिति नहीं थी। इन बसों में सबसे ज्यादा देशी जुगाड़ देखने मिल रहे थे। किसी में खिड़कियां कपड़े से बंधी थीं, टीन और पुट्टी से खत चुकी बस की बॉडी को ढंकने का काम किया गया था। सीटों की हालत बैठने लायक नहीं थी, कुछ बसों में प्लेटफार्म भी खत चुका था। इंजिन एरिया भी कुछ बसों में खुला देखने मिला। बाहर से हुई मरम्मत के हालात भी बसों में दिखाई दे रहे थे। जिससे इन बसों में बैठना कितना खतरे भरा सफर होगा, अंदाजा लगाया जा सकता हैं।
- कंडम बसों में ठूसकर भर रहे सवारियां
बसों में भले ही सीट फिक्स करके रखी हुई हों, लेकिन बस संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूली के साथ-साथ कंडम हो चुकी बसों में भी ठूस-ठूसकर सवारियां ढोई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा हाइवे पर भी दौडऩे वाली लगभग हर बस में ऐसी स्थितियां देखने मिलती हैं। बस स्टैंड से ही बसों को ओवरलोड लेकर जाता हैं, इसके बाद भी इन्हें रोकने, टोकने और कार्रवाई करने वाला कोई नहीं हैं। एक बस के स्टाफ से जब इस संबंध में कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई, तो उसने कहा आप चिंता न करें, सब सेटिंग का खेल हैं। इस तरह की स्थितियां जिले में देखने मिल रही हैं, जिसका खामियाजा यात्रियों को जान से हाथ धोकर या जीवन भर का दर्द लेकर भुगतना पड़ रही हैं।
- परिवहन के साथ पुलिस भी नहीं दे रही ध्यान
बसों को सुनियोजित तरीके से संचालित करने के लिए परिवहन विभाग के साथ-साथ पुलिस की भी जिम्मेदारी होती हैं। परिवहन विभाग द्वारा सिर्फ मौका विशेष पर कार्रवाई की जाती है, इसके अलावा पूरे समय मनमानी से बसों का संचालन होता है। जो कि लगभग सभी पुलिस थानों के सामने से ऐसी बसें निकलती हैं, जिनमें ठूस-ठूसकर सवारियां और ऊपर से मालवाहकों की तरह सामान भी लदा होता है। इसके बाद भी पुलिस द्वारा इन बस संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है।
वर्शन
समय- समय पर ओवरलोड और अनफिट बसों को जब्त कर कार्रवाई की जाती हैं। रोजाना कार्रवाई नहीं की जा सकती है। हां, अब कार्रवाई में सख्ती बरती जाएगी, जिससे बस संचालक दोबारा गलती करने से कतराएं।
क्षितिज सोनी, परिवहन अधिकारी दमोह
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Published on:
24 Jun 2023 06:57 pm
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