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कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया को पता चल गया था यह,इसीलिए उठाया था ये कदम

कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया को पता चल गया था यह राज, इसीलिए उठाया था ये कदम

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दमोह

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Samved Jain

Mar 16, 2019

कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया को पता चल गया था यह,इसीलिए उठाया था ये कदम

कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया को पता चल गया था यह,इसीलिए उठाया था ये कदम

दमोह. जिले के हटा क्षेत्र के दिग्गज नेता और कांग्रेस को हाल ही जॉइन करने वाले देवेंद्र चौरसिया की मौत से समूचा जिला आहत है। शनिवार को दोपहर हटा स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या लोग शामिल हुए। दो दिन से लगातार हटा का बाजार बंद है, पूरे हटा में शोक का माहौल है। इधर शुक्रवार से लेकर अब तक भारी पुलिस बल हटा में तैनात किया गया है। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

शनिवार को सीएम कमलनाथ सहित मप्र शासन के मंत्रियों के हटा पहुंचने की खबर थी, लेकिन ३ बजे तक नहीं पहुंच सके। इस दौरान पूर्व मंत्री जयंत मलैया, रामकृष्ण कुसमरिया सहित भाजपा-कांग्रेस के नेताओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। सभी ने पीडि़त परिवार के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर ने साहस रखने की शक्ति परिजनों को देने की कामना की।

यह चल गया था पता
जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने का मास्टर प्लान देवेंद्र चौरसिया द्वारा ही लाया गया था। इसके बाद वह लगातार विरोधियों के निशाने पर थे। कई बार उन्हें धमकियां भी दीं गईं थी। पत्रिका को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देवेंद्र चौरसिया को ऐसे कोई वारदात होने की भनक पहले लग चुकी थी। यही वजह थी कि उन्होंने सत्ताधारी पार्टी से हाथ मिला लिया था। बताया गया है कि सीएम कमलनाथ के समक्ष जब देवेंद्र चौरसिया ने बसपा को छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली थी तक उन्होंने सीएम से सिर्फ सुरक्षा की मांग की थी। जिस पर सीएम कमलनाथ ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। इस दौरान उन्होंने कुछ राजनैतिक और अपराध से जुड़े लोगों के नाम का जिक्र भी किया था।

3 दिन बाद ही वारदात, सीएम भी हैरान
सीएम कमलनाथ का दमोह दौरा हुए अभी 3 दिन ही हुए थे। देवेंद्र चौरसिया सुरक्षा की मांग करते हुए सीएम के साथ खड़े हुए थे। जहां से उन्हें आश्वासन भी मिला था, लेकिन १५ मार्च को ही बसपा से कांग्रेस नेता बने देवेंद्र चौरसिया की निर्मम हत्या कर दी जाती है। वह भी उन्हीं लोगों द्वारा, जिनसे इस वारदात की संभावना चौरसिया पहले ही व्यक्त कर चुके थे। चौरसिया की मौत के बाद अब सीएम कमलनाथ भी हैरान होंगे कि वह उनके परिजनों को क्या जबाब देंगे।

यह है पूरा मामला

शुक्रवार की सुबह कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया अपने पुत्र सोवेश चौरसिया के साथ हटा-बोरी रोड स्थित कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान करीब ४ वाहनों से आए २० से ३० हमलावरों ने अचानक हमला कर दिया। हमला में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया मौके पर ही अचेत हो जाते है। जबकि सोवेश को गंभीर चोटे आती है। बाद में दोनों को दमोह से जबलपुर की निजी अस्पताल रेफर किया जाता है। जहां उपचार के दौरान देवेंद्र चौरसिया की मौत हो जाती है। जबकि सोवेश की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

हमलावरों में पथरिया विधायक का परिवार
मामले में देवेंद्र के भाई अशोक चौरसिया ने हटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर पथरिया से बसपा विधायक रामबाई सिंह के पति गोविंद सिंह, देवर कौशलेंद्र सिंह उर्फ चंदू, भतीजे गोलू सिंह, भाई लोकेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल के पुत्र सरपंच इंद्रपाल पटैल, ठेकेदार श्रीराम राम और अमजद पठान सहित अन्य के विरुद्ध मामला दर्जं कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मौके पर जो हुआ

देवेंद्र चौरसिया के भाई अशोक व उनका पुत्र पहले से कार्यालय में मौजूद था। जिन्होंने देखा के बसपा विधायक के परिजन, जिपं अध्यक्ष के पुत्र सहित २० से ३० लोग ४ गाडिय़ों से आते है। जिनमें से गोविंद सिंह ने हाथ में रॉड लिए होते है और यह कहते हुए कि तूने पार्टी क्यों बदली... हमला कर दिया। इसके बाद अन्य ने भी हमला कर दिया। कुछ देर में ही देवेंद्र व सोवेश मौके पर गिर जाते है और आरोपी मौके से ४ से ५ रुपए लेकर भाग जाते है। इस तरह की रिपोर्ट हटा थाने में दर्ज कराई है।


यह मानी जा रही है वजह
हाल ही में दमोह में जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल के विरुद्ध जिपं सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। जिसमें जिपं सदस्य राघवेंद्र सिंह ऋषि के अलावा देवेंद्र चौरसिया मुख्य भूमिका में माने जा रहे थे। इस अविश्वास प्रस्ताव के पटैल की कुर्सी डगमगा गई थी। भाजपा संगठन ने भी उनका साथ नहीं दिया था। इसके बाद शिवचरण पटैल ने विधायक रामबाई का साथ लेकर अपने खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर जीत हासिल कर ली थी। इस दौरान रामबाई पर जिपं सदस्यों ने गंभीर आरोप तक लगाए थे। जिसकी उनकी छबि खराब हुई थी। इसके पूर्व जिपं अध्यक्ष के निर्वाचन के दौरान भी देवेंद्र चौरसिया की भाभी व अन्य ने रामबाई का साथ नहीं दिया था। जिससे वह अध्यक्ष नहीं बन सकी थी। तब से भी रंजिश होना बताया जा रहा है। इधर कुछ दिनों पहले ही देवेंद्र चौरसिया ने बसपा छोड़कर कांग्रेस जॉइन कर ली, जिसे लेकर भी विवाद और धमकियों की बात सामने आई है। इन सभी कारणों को इस वारदात की वजह माना जा रहा है। हालांकि, अब तक मुख्य वजह पुलिस द्वारा सामने नहीं लाई गई है।