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जिले के विकास की समीक्षा: पहली बैठक में थे १९० पेज, दूसरी में सिर्फ २८ पेजों पर की चर्चा

-दमोह जिले के प्रभारी मंत्री दिन कार्यक्रमों में रहे व्यस्त, शाम तीन बजे ली जिले के विकास कार्यों के संबंध में बैठक। -अधिकारियों में चर्चा, जल्दी हो गई बैठक, सवालों के जवाब से बचे
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दमोह

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Aakash Tiwari

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Updated: 10 Dec 2025, 8:27 PM IST

दमोह. जिले के विकास कार्यों को लेकर प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक समीक्षा की। हालांकि बैठक सामान्य रही। दूसरी बैठक में 28 पेज की स्लाइड थी, जिसका पीपीटी प्रजंटेशन दिया गया। करीब डेढ़ घंटे में पूर्व में दिए गए निर्देशों के संबंध में सिलसिलेवार चर्चा हुई।
बता दें कि पहली बैठक में 190 के आसपास पेज थे, जो समय अभाव के कारण कम कर दिए गए। बैठक को लेकर अधिकारियों में चर्चा है कि चलो बैठक जल्दी तो निपट गई, नहीं तो सवाल-जवाब कौन देता। बहरहाल बैठक में सभी विभागों के प्रमुख मौजूद थे। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने भी योजनाओं के क्रियान्वयन को शतप्रतिशत पूरा कराने का भरोसा जताया।
मंत्री परमार ने कहा कि जिले के हर गांव की मैपिंग की जाए। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया जाए ताकि हर गांव में खेतों में सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित हो सके। जिले में जो भी सिंचाई के तालाब हैं, जहां मरम्मत आवश्यक हो, प्राथमिकता से कराई जाए । बैठक में पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक दमोह जयंत कुमार मलैया, विधायक हटा उमादेवी खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटैल आदि मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे शामिल थे।

प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक के यह रहे प्रमुख बिंदु
-नहरों की मरम्मत पर जोर: परमार ने निर्देश दिए कि जहां भी नहरें खराब स्थिति में हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए और रबी फसलों के लिए उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।

-जल संरचनाओं का उपयोग: जिले में बनी जल संरचनाओं से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।

-सड़क संपर्क योजना: एमपीआरडीए की समीक्षा में बताया गया कि 241 संपर्क विहीन राजस्व ग्राम, मंजरे-टोले चिन्हित किए गए हैं। परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत, फरवरी 2026 तक निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना।

-धान खरीदी व्यवस्था: खरीफ उपार्जन 2025-26 के लिए 23,460 धान पंजीयनय 34 केंद्रों पर खरीदी व्यवस्थाए कुल रकबा 45,000 हेक्टेयर।

-घरों में नल-टोंटी अनिवार्य: एलपीएचई विभाग को निर्देश,जिले में किसी भी घर में बिना टोंटी का नल न रहेए सभी स्थानों पर फिटिंग सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर बोले, निर्देशों का हो रहा पालन
इधर, कलेक्टर ने प्रभारी मंत्री के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण सुचारू रूप से चल रहा है। उर्वरक उपलब्धता में कोई समस्या नहीं। रोजगार उपलब्धि पर उन्होंने कौशल विकास विभाग के युवा संगम में जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लक्ष्य 360 के विरुद्ध 4,589 लोगों को रोजगार मिला। जहां स्कूल पहुंचने में कठिनाई है, वहां पुल-पुलिया प्रस्ताव बनाकर कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश।