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जलमग्न होने पर खेत में नहीं दिखता कुआं, कभी भी हो सकता है हादसा

ग्राम पंचायत चिलौद के कुड़ी घाट का मामला

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Do not see well in the field when submerged

Do not see well in the field when submerged

दमोह. किसानों की उपज बढ़ाने के लिए सरकार ने किसानों के खेत में कुआं बनवाए हैं, ताकि किसान उस कुआं से अपनी फसल की सिंचाई कर आय बढ़ा सके। लेकिन सरपंचों सचिवों ने किसानों के खेत में कुआं खुदवाकर आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया है। ऐसा ही एक मामला जबेरा जनपद के ग्राम पंचायत चिलौद के कुड़ी घाट का सामने आया है। कुड़ी घाट में निवासरत भूरा अहिरवार, दौलत अहिरवार ने बताया कि सरपंच द्वारा खेत में आधा अधूरा कुआं खुदवा कर छोड़ दिया गया है और कुआं भिसकने लगा है। उन्होंने बताया कि इसी कुआं के पास से खेत में से गांव जाने के लिए रास्ता है जो बारिश में जल मंगल हो जाता है। इसलिए चारों तरफ पानी होने के कारण समझ में नहीं आ पाता है कि कुआं कहां पर है।
लोगों ने बताया कि सरपंच ने कुआं का मनघट नहीं बनवाया है। यह लगभग 18. 20 फुट खोदा गया है और इस आधे अधूरे कुंआ से गांव के लोगों और मवेशियों को हमेशा जान माल खतरा बना रहता है। दौलत, मूलचंद और झीनी अहिरवार ने बताया कि सरपंच ने आधा कुआं खुदाई कर राशि निकाल ली। इस कुआं का पानी गांव वालों कि लिए पीने योग्य नहीं है । गांव वालों का कहना है कि सरपंच यदि कुआं के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनवा दें तो राहगीरोंं की सुरक्षा के अलावा यह कुआं का पानी गांव वालों को पीने योग्य हो सकता है। इस संबंध में जबेरा जनपद सीइओ अवधेश सिंह का कहना है कि फिलहाल में कुआं के चारोंं तरफ लकड़ी की सुरक्षा दीवार बनवा देते हैं, क्योंकि अभी बारिश में मटेरियल नहीं मौके पर नहीं पहुंच सकता है। इसके बाद वाहन पहुंचने पर कुआं के चारों तरफ बाउंड्री बनवा देंगे।