
दमोह. जिले में आषाढ़ मास की बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा के चलते खेतों में भरपूर पानी जमा हो गया है। कई जगहों पर खेतों में जलभराव हो गया है, जबकि अन्य स्थानों पर मिट्टी इतनी गीली हो चुकी है कि ट्रैक्टर चलाना भी मुश्किल हो गया है।
हालांकि, अधिकांश क्षेत्रों में खेतों की जुताई का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अत्यधिक नमी के कारण बोवनी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही। किसान मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि समय रहते बोवनी कर अच्छी पैदावार की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
अधिक नमी में बीज गलने का खतरा
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक नमी में बीज गलने की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए किसानों को सावधानीपूर्वक और उचित नमी होने के बाद ही बीज बोने की सलाह दी गई है। यदि किसान सही समय और परिस्थिति में बोवनी करें, तो इस वर्ष फसल उत्पादन बेहतर होने की संभावना जताई गई है।बारिश से किसानों में उम्मीद
बता दें कि पथरिया, हटा, जबेरा, तेंदूखेड़ा सहित जिले के अन्य ब्लॉकों के खेतों में अभी पानी और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। किसानों का कहना है कि इस बार बारिश की अच्छी शुरुआत हुई है, जिससे अच्छी फसल की उम्मीद है, लेकिन जल्दबाजी में बीज बोना नुकसानदायक हो सकता है।
मौसम विभाग का अलर्ट
इधर, मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मानसून सक्रिय है, जिससे जलभराव की स्थिति अभी बनी रह सकती है। किसानों को फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
Updated on:
24 Jun 2025 10:51 am
Published on:
24 Jun 2025 10:51 am
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