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खेतों को खाली कराने के चक्कर में किसान जला रहे नरवाई

आग से पोषक तत्व व कीट पतंग हो रहे खत्म  

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Farmers in crisis, administration not reaching the fields

संकट में किसान,खेतों में नहीं पहुंच रहे प्रशासन के नुमाइंदे

बटियागढ़. खेतों में खड़ी फसल को किसान फसल को जल्दी से जल्दी कटवाने के लिए हार्वेस्टर का उपयोग करते हैं। जिससे फसलें तो जल्दी कट जातीं हैं, लेकिन बाद में खतोंं में बची नरवाई समस्या खड़ी करती है।
अभी तहसील क्षेत्र में मजदूरों के स्थान पर बाहर से आए हार्वेस्टर का धड़ाधड़ उपयोग किए गए। जिससे किसानों की फसल जल्दी कट गई। लेकिन खेतों में नरवाई नजर आ रही है, जिसमें किसान आग लगाकर खेतों को खाली करने का काम कर रहे हैं।
गुरूवार को ब्लॉक के कैथोरा गांव में हार्वेस्टर से कटी फसल के बाद खेत में बची नरवाई को किसान ने आग लगा दी। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति क्षरण हो सकती है व खेत की मिट्टी में रहने वाले छोटे.छोटे जीवों की मौत हुई। इलाके में हार्वेस्टर से गेहूं की फसल कंटने के बाद नरवाई शेष रह जाती है, जिसे किसान आग लगाकर समाप्त कर रहे हैं। इससे खेतों के आसपास बसे गांवों में आग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही आगे चलकर फसल पैदावार में किसानों को ही समस्या होती है। इसके अलावा हार्वेस्टर से कटी फसल के बाद भूसा की प्राप्ति नहीं हो रही है, जिससे मवेशियों के लिए भी गर्मियों के दौरान चारा की कमी आ रही है। मवेशी यहां वहां भोजन की तलाश में भटकने लगे हैं। बता दें कि गेहूं की फसल हार्वेस्टर से कांटने के बाद खेतों में खड़ी नरवाई को हर साल किसान जलाते हैं।
कलेक्टर द्वारा नरवाई को जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। फिर भी किसान नरवाई जलाने से नहीं मान रहे हैं। खेत को जल्दी खाली करने के चक्कर में किसान नरवाई में आग लगा रहे हैं। किसानों द्वारा इस कार्य के दुष्प्रभावों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।