ऐसे हुआ खुलासा- 23 अक्टूबर को बांदकपुर चौकी के पिपरिया टेक पर एक युवक का शव पड़ा मिला था। जिसकी पहचान गोविंद रजक निवासी बलारपुर के रूप में की गई थी। जिसकी बाइक भी शव के पास नहीं मिली थी। बाद में अंधी हत्याकांड का खुलासा करने एएसपी अरविंद दुबे के निर्देशन में टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी पथरिया, प्रवीण चतुर्वेदी, हिंडोरिया थाना प्रभारी सुरेंद्र द्विवेदी, बांदकपुर चौकी प्रभारी प्रभुदयाल दुबे को शामिल किया गया था। टीम ने गांव में जाकर सूक्ष्म जांच की। जिसमें पता चला कि टिकरी बुजुर्ग गांव के झाम सिंह बगैरह का विवाद बलारपुर गांव निवासी सरदार सिंह व हल्लू सिंह बगैरह से चल रहा है। जिन्हें मारने के लिए आरोपी बंदर उर्फ भूपेंद्र सिंह, रज्जी उर्फ राजाराम सिंह लोधी, मुन्ना सिंह, झाम सिंह व भरत सिंह जा रहे थे। इसी बीच दमोह से बलारपुर जा रहे गोविंद ने टिकरी के समीप लघुशंका के लिए जब बाइक रोकी तो आरोपी बंदर ने कहा कि यह भी बलारपुर का है उसे जान से मार डालो। इसके बाद बंदर ने स्वयं एक लाठी गोविंद रजक के सिर में मारी। जिससे गोविंद की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में उसे बीच रास्ते से हटाकर उसे एक खेत के समीप नाला के पास फेक दिया। इसके बाद सभी ने मिलकर घटना स्थल से करीब चार किलो मीटर दूर जाकर रेलवे लाइन के पास करीब 10 फीट गहरे नाले में भरे पानी में बाइक को ले जाकर डुबो दिया था। आरोपियों को गिरफ्तार करने व अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में एसडीओपी प्रवीण भूरिया, बांदकपुर चौकी प्रभारी प्रभुदयाल, आरक्षक नरेंद्र सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। इस टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को एसपी तिलक सिंह ने 10 हजार रुपए देने को कहा है।