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एमआर की हत्या करने के आरोप में चार गिरफ्तार

लाठी मारकर की थी हत्या बांदकपुर चौकी क्षेत्र का मामला टीम को 10 हजार रुपए देने की एसपी ने की घोषणा 

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praveen chaturvadi

Oct 29, 2016

murder

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बांदकपुर/दमोह. हिंडोरिया क्षेत्र के बांदकपुर चौकी अंतर्गत एक एमआर की हत्या करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके कब्जे से लूटी गई बाइक व मारपीट में उपयोग की गई लाठी को भी जब्त किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। मामले में एसपी तिलक सिंह ने बताया है कि बलारपुर निवासी पेशे से एमआर गोविंद रजक रात नौ बजे के करीब घर जा रहा था। जिसे आरोपी बंदर उर्फ उर्फ भूपेंद्र सिंह लोधी ने सिर में लाठी से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी थी। जिसके साथ अन्य चार लोग भी शामिल थे। जिसमें आरोपियों के खिलाफ धारा हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
ऐसे हुआ खुलासा- 23 अक्टूबर को बांदकपुर चौकी के पिपरिया टेक पर एक युवक का शव पड़ा मिला था। जिसकी पहचान गोविंद रजक निवासी बलारपुर के रूप में की गई थी। जिसकी बाइक भी शव के पास नहीं मिली थी। बाद में अंधी हत्याकांड का खुलासा करने एएसपी अरविंद दुबे के निर्देशन में टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी पथरिया, प्रवीण चतुर्वेदी, हिंडोरिया थाना प्रभारी सुरेंद्र द्विवेदी, बांदकपुर चौकी प्रभारी प्रभुदयाल दुबे को शामिल किया गया था। टीम ने गांव में जाकर सूक्ष्म जांच की। जिसमें पता चला कि टिकरी बुजुर्ग गांव के झाम सिंह बगैरह का विवाद बलारपुर गांव निवासी सरदार सिंह व हल्लू सिंह बगैरह से चल रहा है। जिन्हें मारने के लिए आरोपी बंदर उर्फ भूपेंद्र सिंह, रज्जी उर्फ राजाराम सिंह लोधी, मुन्ना सिंह, झाम सिंह व भरत सिंह जा रहे थे। इसी बीच दमोह से बलारपुर जा रहे गोविंद ने टिकरी के समीप लघुशंका के लिए जब बाइक रोकी तो आरोपी बंदर ने कहा कि यह भी बलारपुर का है उसे जान से मार डालो। इसके बाद बंदर ने स्वयं एक लाठी गोविंद रजक के सिर में मारी। जिससे गोविंद की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में उसे बीच रास्ते से हटाकर उसे एक खेत के समीप नाला के पास फेक दिया। इसके बाद सभी ने मिलकर घटना स्थल से करीब चार किलो मीटर दूर जाकर रेलवे लाइन के पास करीब 10 फीट गहरे नाले में भरे पानी में बाइक को ले जाकर डुबो दिया था। आरोपियों को गिरफ्तार करने व अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में एसडीओपी प्रवीण भूरिया, बांदकपुर चौकी प्रभारी प्रभुदयाल, आरक्षक नरेंद्र सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। इस टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को एसपी तिलक सिंह ने 10 हजार रुपए देने को कहा है।