
पांच तो कोई सात साल से कर रहा प्रधानमंत्री आवास की राशि का इंतजार, कुछ लोगों के नाम आने के बाद भी नहीं मिला लाभ
दमोह. प्रधानमंत्री आवास यानि सरकार की निम्न वर्ग तक पहुंचने की महत्वपूर्ण योजना और गरीबों का सपनों का मकान उनसे अब भी दूर है। नगरपालिका ने ऐसे ४ हजार से अधिक आवेदनों को निरस्त भी कर दिया है, जो कि पांच से सात सालों से आवास के लिए राशि का इंतजार करते आ रहे थे। इसका कारण प्रधानमंत्री आवास का फेस २ शुरू होना बताया जा रहा हैं, जिसके तहत लोगों से अब नए आवेदन कराए जा रहे हैं। विदित हो कि प्रधानमंत्री आवास बीएलसी योजना के तहत नगरपालिका दमोह में बेजा गड़बड़ी सामने आई हैं, इसमें पात्रों के नाम लिस्ट से गायब होने और अपात्रों को द्विमंजिला और तिमंजिला मकान बनाने के लिए राशि जारी कर देने जैसी शिकायतें भी हैं। इतना ही नहीं बीएलसी के तहत १००० से अधिक हितग्राहियों की दूसरी और तीसरी किस्त तक अभी तक खातों में नहीं पहुंच सकी हैं, जबकि शासन द्वारा पूरी राशि नगरपालिका को दी जा चुकी हैं। इस तरह की गड़बडिय़ां योजना के तहत सामने आ चुकी हैं। जिसकी जांच भी विचाराधीन हैं।
मकान का आज भी इंतजार, नए निवासयों को मिल गए मकान
पत्रिका ने जब वार्डों में जाकर पड़ताल की तो ऐसे अनेक हितग्राही हैं, जिन्होंने पहले २०१८ फिर २०२२ में भी बीएलसी योजना के तहत अपने कच्चे घरों को तोड़कर पक्का मकान बनाने आवेदन किया था। इस दौरान उनके नाम भी लिस्ट में आए, लेकिन उनके खातों में राशि नहीं आ सकी। ऊषा नामदेव वार्ड क्रमांक 1 ने बताया कि उन्होंने ७ साल पहले आवेदन किया था, लेकिन उन्हें आज तक राशि नहीं मिली। वह कच्चे मकान में अब भी रहती है। डालचंद ने बताया कि उनका नाम लिस्ट में आ गया था, लेकिन बाद में पता चला कि अगली बार उन्हें राशि मिलेगी, लेकिन अब सुन रहे हैं कि आवेदन की निरस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगरपालिका के संबंधित शाखा के प्रभारियों पर रुपए नहीं देने पर आवेदन नहीं बढ़ाने के आरोप भी लगाए हैं।
अपात्रों को जारी हो गई राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीएलसी राशि का पात्र वहीं हितग्राही होता है, जिसके पास या तो प्लॉट हो या कच्चा मकान। इसके अलावा अन्य कोई पात्रता नहीं है, लेकिन शहर में १० हजार से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका हैं, इनमें से २० प्रतिशत ऐसे परिवार भी बताए जाते हैं, जो कि योजना की पात्रता भी नहीं रहते हैं। कुछ वार्डों में एक ही परिवार के तीन-तीन भाइयों, सरकारी कर्मचारियों, पक्के घर में रहने वालों, आर्थिक रूप से संपन्न लोगों और कुछ साल में ही वार्ड में रहने आए लोगों को भी योजना का लाभ दे दिया गया है। जिसकी शिकायतों के बाद भी जांच भी चल रही हैं।
वर्शन
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जितने भी आवेदन बीएलसी के तहत बचे थे, सभी निरस्त कर दिए गए हैं। २.० के तहत फार्म जमा हो रहे हैं, जिसके तहत लोग आवेदन कर सकते हैं। एएचपी योजना भी फेस-१ के तहत ३० दिसंबर से बंद हो जाएगी। इनके आवेदन भी निरस्त किए जाएंगे।
अशोक पाठक, प्रधानमंत्री आवास प्रभारी उपयंत्री नगरपालिका दमोह
Updated on:
11 Nov 2025 10:19 am
Published on:
11 Nov 2025 10:19 am
