
एमपी का अजब आरटीओ कार्यालय, जहां लुंगी बनियान पर क्या हो रहा हैं, देखें
दमोह. मप्र के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रभार वाले जिले दमोह के आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से सब कुछ सही नहीं चल रहा हैं। आरटीओ हर समय दफ्तर से नदारद रहते हैं और उनकी गैरमौजूदगी में आरटीओ कार्यालय दमोह बाबू और दलाल ही चलाते हैं, जबकि आम आवेदकों को यहां परेशान पड़ता हैं। ऐसी ही एक तस्वीर आरटीओ कार्यालय दमोह से फिर सामने आई हैं, जिसने परिवहन अधिकारियों को सोचने मजबूर कर दिया हैं।
दरअसल, यह मामला मंगलवार की दोपहर सामने आया। जब पत्रिका ने दमोह आरटीओ कार्यालय की स्थिति को देखा। इस दौरान आरटीओ दमोह क्षितिज सोनी दफ्तर में नदारद थे। कार्यालय अधीक्षक का कक्ष का दरवाजा बंद था, लेकिन कमरे के अंदर से आवाज आने पर देखा तो पीछे का गेट खुला था। जिसमें बनियान और लुंगी पर एक व्यक्ति उसके अंदर था। जैसे ही दमोह आरटीओ कार्यालय के उस कमरे में देखा, तो हड़बड़ा गया। इसके बाद पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, वह चौकाने वाले थे।
लुंगी और बनियान पहने वह व्यक्ति कौन और दमोह आरटीओ कार्यालय के उस कक्ष में क्या रहा था, यह बताएंगे, लेकिन पहले जान लीजिए इस दौरान दमोह आरटीओ कार्यालय की स्थिति क्या थी। दमोह आरटीओ कार्यालय के जायजा के दौरान रेकॉर्ड रूम में कर्मचारी के साथ एक बस ऑपरेटर बैठकर चर्चा कर रहा था, जबकि नीचे भी काउंटर बंद पड़े थे। रहमान बाबू, संजय राठौर के अलावा कंप्यूटर शाखा से कुछ कर्मचारी दमोह आरटीओ कार्यालय में मौजूद थे। इसके अलावा काम के लिए दमोह आरटीओ कार्यालय आए लोग परेशान हो रहे थे। मामले में जब आरटीओ दमोह के संबंध में अलग-अलग जानकारी ली गई तो किसी ने आरटीओ दमोह के कलेक्ट्रेट में होना बताया, तो कोई आरटीओ दमोह के चेकिंग पर गए हैं बताता नजर आया। एक कर्मचारी ने आरटीओ दमोह को घर पर होना बताया। इस तरह से आरटीओ दमोह की लोकेशन मिलीं।
- आरटीओ कार्यालय में लुंगी और बनियान पर हो रहा यह काम
लुंगी और बनियान पर कक्ष में अकेले मिले व्यक्ति से सवाल जवाब किए और पूछा कि आरटीओ दमोह की गैरमौजूदगी में सरकारी दस्तावेज बंद कमरे में क्या कर रहे हो, के सवाल पर उसने बताया कि दमोह आरटीओ कार्यालय के बाहर बैठने वाले आरटीओ दलाल पाठक ने उन्हें एक पर्ची दी है। जिसमें कुछ फाइल नंबर लिखे हुए हैं, ये फाइल आरटीओ पाठक को निकालकर देना हैं। जो आरटीओ दमोह के बंगले पर ले जाएंगे और आरटीओ दमोह के घर से आगे का काम होगा। खास बात यह है कि आरटीओ कार्यालय में बनियार और लुंगी पर मिले व्यक्ति को सरकारी दस्तावेज यहां से वहां करने का बिल्कुल भी डर नहीं था।
- पर्ची के अनुसार निकाल रखी थीं फाइलें
पत्रिका ने जब दमोह आरटीओ कार्यालय के उस कक्ष में आसपास देखा तो जिस पर्ची का जिक्र जगदीश ने किया था, वह आरटीओ कार्यालय की उसी टेबल पर सामने टेबल पर रखी नजर आई। जिसमें पाठक नाम के दलाल ने ४ फाइल नंबर लिखे हुए थे। जिनमें से कुछ फाइल को भृत्य के द्वारा बाहर निकाला जा चुका था, जबकि कुछ ढूंढ रहा था। टेबल पर रखी पर्ची में ऊपर पाठक और नीचे एए८९४४, एए ९१२०, एए९१२९, ए८९२४ फाइल के नंबर लिखे थे। जिनमें से कुछ फाइल बनियार और लुंगी पहने व्यक्ति निकाल चुका था। उस व्यक्ति ने बताया कि वह दमोह आरटीओ कार्यालय में भृत्य है। नाम जगदीश बाथम बताया।
जगदीश ने बताया कि दलाल की यह पर्ची मिलने के बाद फाइल सीधे बाहर नहीं की जाती है। पहले बाबू को देते है, फिर वह बाहर करते हैं। जगदीश के अनुसार ये फाइलें निकलकर दमोह आरटीओ के बंगले पर जाती हैं, उसके बाद वहां क्या होता, पता नहीं है। गर्मी के कारण वह इस तरह के कपड़े पहने हुआ हैं। पाठक दलाल का नाम उसके द्वारा तुलाराम बताया गया। इस संबंध में परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी से संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। मामले में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जांच कराने की बात कही है।
Updated on:
08 Jul 2023 07:01 pm
Published on:
08 Jul 2023 04:26 pm
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