
Lok Kala Mahotsav shiv dikha raudr roop krishna leela
दमोह/ खड़ेरी. पथरिया तहसील के मेहलबारा गांव में चल रहे लोक कला महोत्सव के दूसरे दिन कई रंग प्रस्तुतियों ने समां बांधा। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस तरह देश के स्तर के कार्यक्रम में पहली बार देखा गया कि अपनी कला बिखरने के लिए मंच पर 80 साल की उम्र के बुजुर्गों ने भी अपनी कला के रंग में रंग लिया।
ग्वालियर के रंग कुटुंब के कलाकारों ने एक नाटक की शानदार प्रस्तुति दी। जिसमें आदि शंकराचार्य के जीवन का चित्रण किया गया। आदिशंकराचार्य के जीवन के संबंध में पहली बार ग्रामीण जन वाकिफ हुए और उनके जीवन चरित्र को करीब से जाना। श्री रामसेवक किसान लोक कला समिति मेहलबारा के कलाकारों द्वारा फोक आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति दी गई, जिसमें बुंदेलखंड के लगभग 20 प्रकार के वाद्य यंत्रों की ध्वनि ने लोगों के मन को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अगले चरण में छतरपुर जिले के सजारा गांव से आए ढिमरयाई लोक कलाकारों ने ढिमरयाई लोक गायन व ढिमरयाई लोक नृत्य करके लोगों के मन को प्रफुुल्लित कर दिया। ढिमरयाई के कलाकारों की विशेषता यह रही कि इसमें लगभग 80 से 90 साल के बुजुर्ग कलाकार थे, फिर भी उनके पैर नाचते हुए नहीं थमे। लोगों ने तो यह तक कह दिया कि बुंदेलखंड के सबसे ज्यादा उम्र के ढिमरयाई लोक नृत्य यही कलाकार हैं। वहीं श्री राम सेवक किसान लोककला समिति मेहलबारा के महिला मंडल ने भी अपने लगभग पांच गीतों की प्रस्तुति देकर बता दिया कि संगीत के क्षेत्र में हम भी पुरुषों से कम नहीं हैं। महिला मंडल की अध्यक्ष बेलारानी, गेंदा रानी ने बताया कि हमें यदि इसी प्रकार से हमारा दर्शक उत्साहवर्धन करते रहेंगे और बाहर के कलाकारों का सहयोग मिलता रहा तो हम अपने गांव तथा अपने क्षेत्र की महिलाओं को संगीत के क्षेत्र में आगे तक ले जाना चाहते हैं।
वहीं बुंदेलखंड का सुप्रसिद्ध बरेदी लोक नृत्य विश्वविद्यालय सागर के छात्रों द्वारा रोहित रजक के निर्देशन में किया गया। सागर के कलाकारों द्वारा किए गए बरेदी लोक नृत्य रूस जैसे देशों में परचम लहरा चुका है। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति श्री रामसेवक लोक कला किसान समिति मेहलबारा के कलाकार द्वारा दी गई। जिन्होंने बुंदेलखंड के प्रसिद्ध बधाई नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसका दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से स्वागत किया। वैसे तो दर्शकों ने हर कार्यक्रम का तालियों से स्वागत किया, लेकिन बधाई नृत्य व बरेदी लोक नृत्य को देख कर लोगों के चेहरों पर खुशी देखी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध कलाकार अनिमेष मिश्रा ने सभी कलाकारों को शील्ड प्रदान की। कार्यक्रम को देखने के लिए आस-पास के गांव तथा दूरदराज के गांव से लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर ग्राम मेहलवारा के लोगों में बड़ा ही उत्साह है कि हमारे छोटे से गांव में महाकुंभ जैसा कार्यक्रम हो रहा है। क्षेत्र के कलाकारों के साथ-साथ अन्य राज्यों के कलाकारों की उपस्थिति मेहलबारा गांव को चार चांद लगा रही है।
Published on:
29 May 2018 10:45 am
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