
Miracle: स्कूल के 30 बच्चों की जान बचने के बाद लोगों ने क्यों माना चमत्कार
दमोह. बारिश का मौसम इस समय चल रहा हैं, ऐसे में मौसम के कहर के साथ ईश्वरीय चमत्कार भी काफी देखने मिल रहे हैं। जरूरी होता है तो सिर्फ आस्था की। कुछ ऐसा ही नजारा दमोह के एक सरकारी स्कूल में देखने मिला। इस सरकारी स्कूल में 30 बच्चों की जान सिर्फ एक पिलर की वजह से बच गई। इसे अब बच्चे और उनके अभिभावक भगवान का ही चमत्कार मान रहे हैं।
दरअसल, दमोह जिले के जबेरा क्षेत्र में कुसुमी मानगढ़ प्राइमरी स्कूल है। इस सरकारी स्कूल का संचालक रोज की तरह सुबह 10 से था कि अचानक से सुबह 11.30 बजे भगदड़ के हालात बन गए, जब सरकारी स्कूल के दौरान भवन का एक पिलर भराभरा गिर गया। सरकारी स्कूल के पिलर गिरते देख शिक्षकों ने तत्काल की बच्चों को कक्षा से बाहर भगाया और खुद बाहर आए। इसके बाद एक-एक करके सरकारी स्कूल बिल्डिंग के दो और पिलर गिर गए। इस बीच शिक्षकों ने सरकारी स्कूल कक्ष में रखे बच्चों के बस्ते बाहर फेके और सामग्री आदि भी बाहर की। सरकारी स्कूल बिल्डिंग के तीन पिलर गिरने के बाद भी फिलहाल सरकारी स्कूल बिल्डिंग सदी हुई है। जिसे लोग चमत्कार ही मान रहे हैं। ये सरकारी स्कूल बिल्डिंग कब ध्वस्त हो जाए, कहा नहीं जा सकता है। इस हादसे के बाद सरकारी स्कूल में कक्षाएं लगाना बंद कर दी गई हैं।
यहां मौजूद लोगों ने बताया कि प्राइमरी स्कूल कुसमी मानगढ़ में स्कूल भवन में कक्षा संचालित थी और अचानक से भवन जर्जर पिलर एक-एक करके गिर गए। भगवान का चमत्कार रहा कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सरकारी स्कूल भवन से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। भगवान के चमत्कार के चलते बड़ा हादसा टल गया। हादसा शुक्रवार का बताया जाता है। यहां के जर्जर प्राइमरी स्कूल भवन छात्र-छात्राएं पढऩे को मजबूर हैं। मरम्मत नहीं होने से भवन के 4 पिलर में से 3 पिलर भरभरा कर धराशाई हो गए। जैसे ही पिलर गिरने की आवाज सुनाई दी। सरकारी स्कूल में अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने जैसे ही देखा कि एक पिलर पर सरकारी स्कूल की बिल्डिंग सदी हुई हैं, तत्काल सरकारी स्कूल भवन से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद सरकारी स्कूल भवन के अंदर रखे बच्चों के बस्तों व स्कूल की अन्य सामग्री कुर्सी, टेबल बाहर फेंकते हुए शिक्षक दिखाई दिए। बताया गया कि जिस जर्जर सरकारी स्कूल भवन के पिलर गिरे थे, उसमें पहली व दूसरी की कक्षाएं संचालित की जा रही थी। जिसमें करीब 30 बच्चे अध्ययनरत थे।
शिक्षकों ने बताया कि जर्जर सरकारी स्कूल भवन की जानकारी दमोह शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अनेकों बार दे दी गई थी। बावजूद इसके भवनों की मरम्मत कार्य की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। सरकारी स्कूल कुसुमी मानगढ़ के हेड मास्टर मानक सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा जर्जर सरकारी स्कूल भवन के विषय में पत्र व्यवहार कर वरिष्ठ अधिकारियों को किया गया था। इस गंभीर समस्या से अवगत भी कराया जा चुका हैं। कुसुमी मानगढ़ ग्राम पंचायत के सरपंच कप्तान सिंह का कहना है जिला प्रशासन के अधिकारियों को चाहिए कि जल्द से जल्द जर्जर सरकारी स्कूल भवन की मरम्मत कराएं। साथ ही निर्माण पर ध्यान दें। नहीं तो कभी भी एक बड़ी घटना हो सकती है। अभी तो सरकारी स्कूल भवन के पिलर गिरने से बच्चों की ईश्वर ने बचा लिया। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि किसी बिल्डिंग के तीन पिलर गिर जाए और एक पिलर पर बिल्डिंग सदी रह जाए। इसी ईश्वरीय चमत्कार के चलते ही उक्त सरकारी स्कूल में अध्ययनरत बच्चों की जान बच गई। वहीं इस घटना को लेकर अभिभावकों ने चिंता व्यक्त करते हुए मरम्मत की मांग की है।
जनपद शिक्षा केंद्र जबेरा बीआरसी प्रवेंद्र वैध का कहना है यह घटना शुक्रवार की दोपहर के समय की है। जहां पर सरकारी स्कूल भवन के अतिरिक्त कक्ष के एक एक-एक करके तीन पिलर गिरे। हादसे में कोई शिक्षक व बच्चे हताहत नहीं हुए हैं। जर्जर स्कूल भवन की जानकारी शासन प्रशासन को दे दी गई है और उपयंत्री के द्वारा मौका मुआयना भी किया गया है, लेकिन अभी तक मरम्मत कार्य के लिए राशि प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही राशि प्राप्त होती है मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वहीं जर्जर भवन को बंद करवा दिया गया है। कक्षा एक दूसरे भवन में लग रही हैं। अविनाश रावत एसडीएम तेंदूखेड़ा का कहना है विकास खंड शिक्षा अधिकारी को भेजकर जर्जर स्कूल भवन की जानकारी मांगते और जितने भी जर्जर स्कूल भवनों सूची कार्यालय को प्रेषित करने को कहा गया है। साथ ही शिक्षकों को आदेशित किया गया है कि जर्जर भवनों में बच्चों की कक्षाएं नहीं लगाएं।
Updated on:
09 Jul 2023 12:54 pm
Published on:
09 Jul 2023 12:49 pm
बड़ी खबरें
View Allदमोह
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
