
दमोह. बुंदेलखंड के जंगलों में इस समय टेसू के फूल इठला रहे हैं इतरा रहे हैं। टेसू के इन फूलों का विशेष महत्व होली के त्यौहार पर बढ़ जाता है। फाल्गुन मास शुरू होते ही हर जगह सुर्ख लाल रंग के टेसू जिन्हें कहीं-कहीं पलाश के नाम से भी जाना जाता है। कैमिकल रंगों के साइड इफ्ेक्ट होने से वर्तमान में होली के अवसर पर टेसू के फूलों से रंग तैयार कर होली खेलने का चलन बढ़ रहा है। इसके अलावा टेसू के फूलों से भगवान जगन्नाथ जी की पूजा व श्रीकृष्ण जी से होली खेलने की परंपरा चली आ रही है।

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