4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Nauradehi Sanctuary: यहां आकर्षण का केंद्र है टाइगर की राधा-किशन फैमिली

पर्यटकों के लिए खोला जा रहा अभयारण्य, एक अक्टूबर से हो सकेंगे राधा-किशन परिवार के दीदार

2 min read
Google source verification

दमोह

image

Manish Geete

Sep 23, 2022

damoh1.jpg

दमोह। नौरादेही अभयारण्य (Nauradehi Sanctuary) में 7 दिन बाद 1 अक्टूबर से राधा-किशन परिवार (Radha Kishan Family Of Tigers) के 12 बाघों के दीदार पर्यटक कर सकेंगे। सैलानियों के लिए अभी भ्रमण पर प्रतिबंध था, क्योंकि वर्षाकाल में कोर एरिया को तीन माह के लिए बंद कर दिया जाता है। अब पर्यटकों के लिए अभयारण्य के द्वार खोले जा रहे हैं जिसकी तैयारियां प्रबंधन द्वारा शुरू कर दी है।

यहां आने वाले पर्यटकों को बाघों के अलावा अन्य दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों के साथ वन्य प्राणियों के दीदार आसानी से कराए जाने की व्यवस्था की जा रही है। जिससे बाघों के साथ अन्य जीव देखकर पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सके। प्रदेश के तीन जिले दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिले की सीमा से लगे इस अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने के प्रयास भी तेज हो गए हैं, क्योंकि यहां की डायवर्सिटी बाघों के अनुकूल है। सागर के नौरादेही अभयारण्य और सिंग्रामपुर के रानी दुर्गावती अभ्यारण्य को मिलाकर 1500 वर्ग किलोमीटर में टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। इसमें ईको सेंसिटिव जोन भी शामिल रहेगा। नौरादेही अभयारण्य के एसडीओ सेवाराम मलिक ने बताया कि 1 अक्टूबर से सैर सपाटे और सैलानियों के लिए अभयारण्य खोले जाएंगे। अभयारण्य में बारिश के कारण कच्ची सड़क खराब होने के कारण उनकी मरम्मत कार्य कराने का कार्य शुरू किया जा रहा है।

यह भी पढ़ेंः

मध्यप्रदेश में दो वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को मिलाकर बनेगा 'नया टाइगर रिजर्व'

मड़ियादो के जंगल में दिखा काला भेड़िया

मड़ियादो. पन्ना टाइगर रिजर्व मड़ियादो बफर में विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों की मौजूदगी देखने मिल रही है। जिसमें बड़ी सख्या में शाकाहारी वन्यप्राणी चीतल, सांभर, चिंकारा, नीलगाय, भेड़, बंदर, सूअर सहित विभिन्न प्रकार के वन्यप्राणी शामिल हैं। यह सभी वन्यप्राणी शाकाहारी हैं, जो पत्तों, घास आदि भोजन के रूप में उपयोग करते हैं। लेकिन ऐसे भी वन्यप्राणी इन शाकाहारी वन्यप्राणियों के बीच मौजूद हैं, जो इनका भोजन कर अपना पेट भरते हैं।

इन दिनों मड़ियादो, तिंदनी बीट में तीन सियारों को एक साथ देखा जा रहा है। जिसमें एक भेडिय़ा काले कलर का है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के घासा बंजारा, कन्ना बंजारा का कहना है कि एक सप्ताह से कस्बे से कुछ ही दूरी में जंगल में काला सियार देखने मिल रहा है, जो अन्य दो भेड़ियों के साथ है। काले रंग का भेडिय़ा बहुत ही भयानक और खूंखार दिखाई देता है। इन दिनों मडिय़ादो बफर में तेदुओं के साथ साथ भेडिय़ा हैं। जो शिकार करने में माहिर होते हैं। स्थानीय चरवाहों की भाषा में बिगना नाम से जाना जाता है। इनके द्वारा वन्यप्राणियों के अलावा मवेशियों और बकरियों के शिकार की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

Story Loader