
Retail Shopkeepers : दिवाली से पहले मध्य प्रदेश की सडकों पर जहां चहल-पहल है वहीं दमोह में दुकानदार प्रदर्शन करने को मजबूर है। उन्हें अपनी दुकानों को बचाने के लिए सड़क पर लेटकर विरोध करना पड़ा। यह विरोध-प्रदर्शन कलेक्टर के एक आदेश को लेकर था। इस आदेश में कहा गया था कि घंटाघर के समीप लगने वाली फुटकर दुकानों को किसी और जगह शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया था। दुकान हटाने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारीयों के समझाने के बाद भी दुकानदारों ने अपना विरोध जारी रखा और नारेबाजी की। काफी देर तक यह हंगामा चलता रहा जिसे देख कलेक्टर ने फ़िलहाल उन्हें वहीँ पर दुकान लगाने की अनुमति दे दी।
दरअसल, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने एसपी के साथ घंटाघर क्षेत्र का निरिक्षण करने के बाद आदेश दिया था कि यहां लगने वाली फुटकर दुकानों को किसी बेहतर जगह शिफ्ट कर दिया जाए। यह आदेश उन्होंने इसलिए दिया था क्योंकि इन दुकानों की वजह से सड़क पर आवागमन में परेशानी होती है। कलेक्टर ने अपने आदेश में निर्देश दिया था कि इन दुकानों को पास ही के तहसील ग्राउंड में शिफ्ट कर दिया जाए।
कलेक्टर के इस आदेश का विरोध दुकानदारों ने किया और सड़क पर लेटकर प्रशासनिक अधिकारीयों को उनकी दुकान हटाने से रोका। दुकानदारों का तर्क था कि तीन दिन बाद दिवाली है और उन्हें अब अचानक तहसील ग्राउंड पर शिफ्ट करने को कहा गया है। उनका कहना है कि तहसील ग्राउंड तक ग्राहक नहीं पहुंच पाएंगे जिससे उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा और वह त्यौहार नहीं भी मना पाएंगे। हालांकि, इस विरोध के बाद दुकानदारों को घंटाघर के पास दुकान लगाने की अनुमति तो मिल गई है लेकिन कलेक्टर का कहना है कि आने वाले समय में इन दुकानदारों को यहां से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
27 Oct 2024 04:56 pm

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