दमोह. भारत सरकार द्वारा जापान एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत स्कूली छात्रों को एक सप्ताह के लिए जापान अध्ययन करने भेजा जा रहा है। दमोह जिले से एक्सीलेंस स्कूल के छात्र का चयन हुआ है।
जटाशंकर बीड़ी कॉलोनी में मिट्टी के कच्चे घर और टीन के छप्पर में गुजारा करने वाला रितिक श्रीवास्तव एक्सीलेंस स्कूल में कक्षा 11 वीं का छात्र है। जिसका चयन जापान के लिए किया गया है। इस छात्र के पिता आशीष कुमार श्रीवास्तव गार्ड हैं, माता अलका श्रीवास्तव घर में सिलाई कार्य करती हैं और बहन रितिका श्रीवास्तव एमएसी की पढ़ाई कर रही है।
रितिक श्रीवास्तव होनहार छात्र है, जिसने दसवीं क्लास में 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए थे।
एक्सीलेंस स्कूल के शिक्षक सुजीत द्वारा छात्र को प्रोत्साहित किया गया। सोमवार को जब उसके मोबाइल पर मैसेज आया तो उसका व उसके परिवार का ठिकाना नहीं रहा।
छात्र रितिक श्रीवास्तव ने कहा कि उसने कभी सपने में नहीं सोचा था कि वह कभी जापान की यात्रा करेगा, क्योंकि उसके परिवार की माली हालत ठीक नहीं है।
डीइओ पीपी सिंह ने बताया छात्र का चयन भारत सरकार के कार्यक्रम जापान एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोगाम के तहत हुआ है। यह छात्र मई माह में जापान जाएगा। एक सप्ताह तक वहां रहकर वहां की संस्कृति, शिक्षा से रू-ब-रू होगा। भारत सरकार का छात्रों का दल भेजने के पीछे का आशय है कि कैसे अंतर राष्ट्रीय संबंध मजबूत हों और दक्षिण एशिया के देश एक दूसरे की संस्कृति, कला व शिक्षा को साझा कर युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाएं इसलिए इस कार्यक्रम का नाम जापान एशिया यूथ एक्सचेंज रखा है। जिसमें स्कूली छात्रों को मौका मिला है, दमोह जिले से एक मात्र एक्सीलेंस स्कूल के छात्र रितिक श्रीवास्तव का चयन किया गया है।