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शहर में बढ़ रही बाहरी किरायेदारों की संख्या, थाने में उपलब्ध नहीं कराई जा रही जानकारी

दमोह. शहर में बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। पुलिस के पास इनकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, क्योंकि अधिकतर मकान मालिक किरायेदारों के सत्यापन की अनिवार्य प्रक्रिया को नजरअंदाज कर रहे हैं। अनुमान है कि शहर में 20 हजार से अधिक बाहरी लोग बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के रह रहे हैं। ऐसे में आपराधिक गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पुलिस व प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।

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दमोह

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Hamid Khan

Feb 05, 2025

शहर में बढ़ रही बाहरी किरायेदारों की संख्या, थाने में उपलब्ध नहीं कराई जा रही जानकारी

शहर में बढ़ रही बाहरी किरायेदारों की संख्या, थाने में उपलब्ध नहीं कराई जा रही जानकारी

मकान मालिक बरत रहे लापरवाही

दमोह. शहर में बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। पुलिस के पास इनकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, क्योंकि अधिकतर मकान मालिक किरायेदारों के सत्यापन की अनिवार्य प्रक्रिया को नजरअंदाज कर रहे हैं। अनुमान है कि शहर में 20 हजार से अधिक बाहरी लोग बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के रह रहे हैं। ऐसे में आपराधिक गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पुलिस व प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
जानकारी के अनुसार, शहर में सैकड़ों मकान मालिकों ने अपने मकानों को किराए पर दिया हुआ है, लेकिन लगभग 95 प्रतिशत मकान मालिक किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं करा रहे। मकान किराए पर देने से पहले पुलिस सत्यापन अनिवार्य होता है।
पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई सख्ती नहीं बरती जा रही। मकान मालिकों को न तो पुलिस संपर्क कर निर्देश दे रही है और न ही कोई सख्त कार्रवाई हो रही है, जिससे बाहरी लोगों के लिए किराए पर मकान लेना बेहद आसान हो गया है।
2023 में तत्कालीन एसपी राकेश ङ्क्षसह ने किरायेदारों के सत्यापन और होटलों में ठहरने वालों की आइडी जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे, लेकिन पालन नहीं किया गया।
छात्रावास भी नियमों की अनदेखी कर रहे
शहर में स्कूली, नर्सिंग और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए कई निजी छात्रावास संचालित हो रहे हैं, लेकिन अधिकांश बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों का पालन किए चल रहे हैं। इनमें अग्नि सुरक्षा, स्वच्छता और रहने की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव है। कई छात्रावासों में क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को रखा जा रहा है। इनके संचालन संबंधी पंजीकरण और अन्य वैधानिक अनुमतियां भी नहीं ली गईं।
हाल ही में हुए खुलासे
क्रिश्चियन कॉलोनी में 12 बच्चों को अवैध रूप से रखने का मामला सामने आया।
स्पा सेंटर में देह व्यापार का खुलासा हुआ, जिसमें बाहरी आरोपी पकड़े गए।
किरायेदार और छात्रावासों को लेकर नियम
किरायेदारों की जानकारी नजदीकी थाने में देना अनिवार्य।
पुलिस सत्यापन के बाद ही मकान किराए पर दिया जाए।
निजी छात्रावासों का पंजीकरण जरूरी।
छात्रावासों में अग्नि सुरक्षा, स्वच्छता और रहने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
बिना अनुमति चलने वाले छात्रावासों पर प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।

किरायेदारों के पुलिस सत्यापन को सख्ती से लागू किया जाएगा। मकान मालिकों और छात्रावास संचालकों को नियमों का पालन करना होगा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संदीप मिश्रा, एएसपी