
फिल्टर प्लांट
पुष्पेंद्र तिवारी दमोह. शहर के 39 वार्डों में आधे से अधिक आबादी के लिए जल सप्लाई अभी भी पुराने फिल्टर प्लांट के भरोसे है। वैसे तो 40 करोड़ की लागत के जुझारघाट प्रोजेक्ट के तहत तैयार हुए नए फिल्टर प्लांट को संचालित हुए करीब डेढ़ वर्ष का समय हो चुका है, लेकिन जल सप्लाई का भार अभी तक पुराने फिल्टर प्लांट के भरोसे है। कहने सुनने में भले ही यह बात सामने आए कि आखिर दोनों फिल्टर प्लांट तो नपा के ही हैं, लेकिन यहां फर्क यह है कि पुराने फिल्टर प्लांट के संचालन में होने वाला लाखों रुपए का सालाना खर्च नपा को भुगतना पड़ता है। वहीं नए फिल्टर प्लांट का संचालन प्रोजेक्ट को पूरा करने वाली निजी कंपनी के सुपुर्द है। नए फिल्टर प्लांट का संचालन जुझार घाट प्रोजेक्ट का कार्य करने वाली निर्माण कंपनी को सौंपा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नए फिल्टर प्लांट का संचालन कर रही निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए अभी तक पुराने फिल्टर प्लांट पर शहर की जल सप्लाई का भार रखा गया है। मामले में मिली जानकारी के अनुसार नए फिल्टर प्लांट पर पिछले तीन माह से जुझारघाट से सीधा पानी पहुंच रहा है।
यह है नए फिल्टर प्लांट की भूमिका
फिल्टर प्लांट पर मौजूद कंपनी के अधिकृत कर्मचारी अरुण राठौर ने बताया है कि जुझारघाट से सीधा पानी फिल्टर प्लांट पहुंच रहा है। अरुण के अनुसार एक घंटे के भीतर जुझारघाट से 7 लाख 30 हजार लीटर पानी अर्थात 730 क्यूविक मीटर पानी पहुंच रहा है। वहीं फिल्टर प्लांट से शहर की जल सप्लाई के संबंध में बात की जाए तो नए फिल्टर प्लांट पर 24 घंटे में महज 10 से 11 घंटे पंप चलाए जाते हैं। इस समयावधि के भीतर एक रेस्ट भी किया जाता है। जानकारी दी गई है कि इन दिनों इस प्लांट से ११ से १२ टंकियों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है व कुछ वार्डों में जल सप्लाई हाल ही के कुछ समय पहले शुरु की गई है।
पुराने फिल्टर प्लांट की भूमिका अहम
शहर की आधी आबादी को जल सप्लाई आज भी पुराने फिल्टर प्लांट से की जा रही है। फिल्टर प्लांट के कर्मचारी गौरी प्रसाद ने बताया है कि शहर के स्टेशन एरिया, गार्ड लाइन, गौपुरा, पलंदी चौराहा एरिया, नया बाजार, बोहरा मोहल्ला, तमरयाई नया बाजार नंबर एक, जबलपुर नाका क्षेत्र, पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, तीनगुल्ली एरिया, टंडन बगीचा, कसाई मंडी, नूरी नगर, शोभानगर, शैंडेबेथ बजरिया, बिलवारी मोहल्ला, इंद्रा कॉलोनी, किल्लाई चौराहा के आसपास, एमपीईबी कॉलोनी व मजिस्ट्रेट क्वाटर कॉलोनी में जल सप्लाई की जा रही है। मामले में मिली जानकारी यह तथ्य स्पष्ट है कि पुराने फिल्टर प्लांट पर अभी जल सप्लाई का अधिक भार है। फिल्टर प्लांट के कर्मचारी ने बताया है कि पिछले सप्ताह तक पुराने फिल्टर प्लांट से इन तमाम प्वाइंटों पर नियमित जल सप्लाई की जा रही थी, लेकिन पिछले दो तीन दिनों से जल सप्लाई एक दिन के अंतराल से की जा रही है।
मामले यह बड़ा सवाल
निजी कंपनी द्वारा नए फिल्टर प्लांट का संचालन किया जा रहा है, वहीं इस प्लांट पर अधिक क्षमता के मोटर पंप हैं जो 10 से 11 घंटों के भीतर 75 से 80लाख लीटर पानी विभिन्न टंकियों तक पहुंचाते हैं। लेकिन जल सप्लाई के भार का निर्वहन नए फिल्टर प्लांट से ही क्यों नहीं किया जा रहा है। मामले में सीएमओ कपिल खरे का कहना है कि कुछ वार्डों में पुरानी पाइप लाइन बिछी हुई है जिसकी वजह से पुराने फिल्टर प्लांट से सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा है कि कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
05 Nov 2018 01:01 pm
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