
दमोह. फर्जी अंकसूची के सहारे वर्षों से नौकरी कर रहे शिक्षकों का खुलासा लगातार हो रहा हैं। साथ ही इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। ऐसी ही एक शिक्षक रश्मि सोनी और उनके प्राचार्य पति दीपेंद्र सोनी रतले ने शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों पर बैट से हमला कर दिया। एक कर्मचारी के साथ जमकर मारपीट की गई, जबकि दूसरे को मौके से जान बचाकर भागना पड़ा। ये कर्मचारी डीईओ के आदेश पर रश्मि सोनी को बर्खास्त करने के पहले अंतिम नोटिस देेने गए थे। मामले में अब सिटी कोतवाली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई है। जबकि आरोपी प्राचार्य पति को भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने बताया कि फर्जी शिक्षकों के मामले में लगातार कार्रवाई जारी है। वर्ग-२ की शिक्षक रश्मि सोनी के प्रकरण में जांच पूरी हो चुकी है। उनकी बीए स्नातक की डिग्री फर्जी निकली है। इस संबंध में चल रही विभागीय जांच भी पूरी हो गई है। ऐसे में रश्मि सोनी को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाना है, इसके पहले अंतिम नोटिस भेजने की प्रक्रिया की जाना था। शुक्रवार को कार्यालय से कर्मचारी हेमंत अठ्या और जयंत जैन नोटिस लेकर विवेकानंद नगर स्थित रश्मि सोनी के घर गए हुए थे। जहां उनके साथ रश्मि के पति दीपेंद्र सोनी रतले जो कि घाटपिपरिया स्कूल में प्राचार्य भी है, ने घर में रखे बैट से बहुत मारपीट की है। कर्मचारी हेमंत अठ्या के साथ अधिक मारपीट हुई है, जबकि जयंत मौके से जान बचाकर भाग गया था।
पीडि़त कर्मचारी हेमंत अठ्या ने बताया कि दीपेंद्र रतले को जैसे ही बताया कि नोटिस आया है, वह आग बबूला हो गए और अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए मारने लगे। इसके बाद उन्होंने घर में रखा बैट उठाकर बहुत मारपीट की। मामले की जानकारी लगते ही डीइओ ने दोनों कर्मचारियों के माध्यम से सिटी कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराने आवेदन दिया है। साथ ही सख्त कार्रवाई की बात कही है।
डीइओ एसके नेमा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर कराई जा रही है। साथ ही प्राचार्य पद पर रहते हुए आपराधिक कृत्य करने पर दीपेंद्र सोनी रतले के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए उन्हें नोटिस भी जारी कर दिया गया है। मामले की जानकारी कलेक्टर, जेडी को भी दी गई है।
कौन है फर्जी शिक्षक रश्मि सोनी
२००८ में फर्जी बीए स्नातक की अंकसूची के आधार पर रश्मि सोनी की वर्ग-२ में नियुक्ति हुई थी। रश्मि की आखिरी पोस्टिंग शासकीय स्कूल सरखड़ी में रही है। करीब १८ साल फर्जी अंकसूची के सहारे काम करते हुए करीब ८२ लाख रुपए वेतन शासन का इन्होंने लिया है। इनकी जुड़वा बहन भी फर्जी शिक्षक बताई जाती है। साथ ही दोनों बहनों ने एक ही अंकसूची पर नौकरी देना बताया जाता है। मामले में विभागीय जांच चल रही थी, जो कि पूरी हो चुकी है। अब रश्मि को पद से बर्खास्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
Published on:
24 May 2025 11:24 am
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