18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बोरवेल में गिरा तीन साल का प्रिंस, 6 घंटे में बाहर निकाला पर नहीं बची जान

घर से 100 मीटर पर खेत में खुदा था बोरवेल

2 min read
Google source verification
Three year old prince fell in borewell, pulled out in 6 hours

Three year old prince fell in borewell, pulled out in 6 hours

दमोह/ हटा. जिले के पटेरा थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा बैस में खेत में बंद पड़े बोरबेल में तीन साल का बच्चा प्रिंस अठया खेलते समय गिर गया। हैवी मशीनों से खुदाई कर 6 घंटे में ही बच्चे को निकाल लिया गया। लेकिन बचाया नहीं जा सका। बोर से निकलते ही उसे एम्बुलेंस से पटेरा सीएचसी ले जाया गया पर तब तक सांस थम चुकीं थी। बीएमओ डॉ अशोक बड़ोनिया ने मौत की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम बरखेड़ा बैस के जगदीश कोटवार को शासकीय जमीन मिली हुई है। वे खेत पर ही रहते हैं, जबकि परिवार के बाकी सदस्य बस्ती में बने घर पर रहते हैं। सुबह उनका पुत्र धर्मेंद्र अठया पोते प्रिंस अठया को साथ लेकर खेत पर काम करने आया था। दोपहर खेलते समय प्रिंस खेत पर बंद पड़े बोरवेल में गिर गया। उन्हें इसके बारे में पता तब चला जब नजर नहीं आने पर तलाश शुरू की गई। खेत पर ढूढ़ते समय बोरवेल से रोने की आवाज आई तो वे सकते में आ गए। शोर मचाकर गांव के लोगों को एकत्रित किया और बोरवेल से प्रिंस को निकालने की कोशिश में जुट गए। इसकी सूचना पटेरा थाने को मिली तो बचाव राहत दल के साथ टीम बरखेड़ा बैस गांव पहुंची। तब तक एसडीआरएफ की टीम भी आ गई। अर्थमूवर्स की व्यवस्था कर बोरवेल के बगल से खुदाई की गई।
32 फीट गहरा था बोरवेल
जगदीश के मुताबिक बोरवेल 32 फीट गहरा ही था। जिसके मुहाने को पत्थर से ढंक रखा था। प्रिंस ने कैसे पत्थर हटा लिया उनकी समझ में नहीं आया। बोरवेल की गहराई कम होने से रेस्क्यू टीम लक्ष्य तक शाम 6.15 बजे पहुंच गई और बच्चे को बाहर निकाल लिया। पहले से ही वहां तैयार एंबुलेंस से पहले उसे पटेरा और फिर जिला अस्पताल दमोह ले जाया गया। कलेक्टर एस कृष्णचैतन्य भी एंबुलेंस के साथ गए।
लाइफ सपोर्ट देने का प्रयास
एसडीआरएफ की टीम जब मौके पर पहुंची तो उसने पहले बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन पहुंचाने और कूलर से हवा करने का इंतजाम किया। टीम ने बच्चे के 16 फीट की गहराई में फंसे होने का अनुमान लगाया। टीम के सदस्य बच्चे के लिए आवाज भी देते रहे।
पिता करता रहा भगवान से मिन्नत
रेस्क्यू के दौरान बच्चे की सलामती की कामना करने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। पिता दूर बैठा हाथ जोड़कर मन ही मन प्रभु से प्रिंस के सकुशल बाहर आने की विनती करता रहा। मां गुमसुम बैठी थी तो दादी-नानी बिलख रहीं थीं। पूरा माहौल हृदयविदारक था।