
Two-inch pencil penetrates two-year-old girl's eye
दमोह. एक दो साल की बच्ची की आंख में गुरुवार की रात पेंसिल घुस गई। रात बजे नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राकेश राय के क्लीनिक बच्ची को लाया गया, जटिल ऑपरेशन के बाद बच्ची की आंख से पेंसिल का टुकड़ा निकाल लिया गया।
डॉ. राकेश राय ने बताया कि बच्ची के अभिभावकों ने बताया कि बच्ची ने खेल-खेल में शीश पेंसिल अपनी आंख में घुसा ली है। उन्होंने तत्काल बच्ची का ऑपरेशन किया। बच्ची की नेत्र ज्योति बचाने के लिए उन्होंने उसकी आंख का ऑपरेशन किया, आंख में टांके लगाने के बाद उसकी आंख बचा ली है। बच्ची की आंख सुरक्षित है।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राकेश राय यह मामला सामने आने के बाद लोगों से गुजारिश करते हैं कि लोग अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए काबिल बनाने के लिए डेढ़ से दो साल के होने पर उन्हें शीश पेंसिल पकड़ाकर उन्हें एबीसी लिखवाने की प्रेक्टिस कराने लगाते हैं, जबकि इतने छोटे बच्चों को समझ नहीं होती है कि पेंसिल आंख, नाक या कान में डालने से हानि हो सकती है, लेकिन माता-पिता में यह ट्रेंड बढ़ता जा रहा है जिससे ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं। जब तक बच्चा नर्सरी क्लास में दाखिला न ले ले तब तक उसे इस तरह की शीश पेंसिल या शीश कटर हाथ में नहीं देना चाहिए।
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शीश कटर से काट लेते अंगुलियां
अभिभावक बच्चों को पढ़ाई में दक्ष बनाने के लिए जैसे ही वह बोलना शुरू करते हैं उन्हें मैकाले की शिक्षा में दक्ष बनाने के सपने देखने लगते हैं, फिर उन्हें ऐसी वस्तुएं पकड़ा देते हैं जिससे उनके बच्चे चोटिल हो जाते हैं। कई मामले ऐसे सामने आए हैं कि पेंसिल छीलने वाले कटर में छोटे बच्चे अपनी नाजुक अंगुली घुमा देते हैं जिससे उनकी अंगुलियां कट जाती हैं।
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आंखों की सुरक्षा की जरूरी
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुधा राय कहती हैं कि 1 साल से 3 साल के बच्चों को पेंसिल या नुकीली वस्तुओं से बचाना चाहिए। जहां हम उम्र या एक दो साल बड़े बच्चे हैं तो शून्य से 1 साल के बच्चों का बचाव करना चाहिए क्योंकि बड़े बच्चे छोटे बच्चों की आंखों में अंगुली डाल देते हैं, जिससे छोटे बच्चों की आंखों में चोट पहुंचती है। जब तक बच्चे समझदार नहीं होते हैं तब बच्चों के आंखों की सुरक्षा करना चाहिए।
Published on:
25 Jul 2020 07:07 am
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