21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत, एक भी प्लांट की नहीं पहुंची मशीन

जून माह में लगना था, शुरू हो गया जुलाई

2 min read
Google source verification
Two oxygen plants approved, not a single plant's

Two oxygen plants approved, not a single plant's

दमोह. दमोह जिले में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत और कालाबाजारी के बाद दमोह में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की घोषणा की गई थी। जिनके लिए फाउंडेशन तैयार करा लिए गए हैं। जून माह के पहले सप्ताह में लगाया जाना था, अब जुलाई माह का पहला सप्ताह बीत रहा है, अब तक मशीन भी नहीं पहुंची है।
दमोह जिले में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा त्रासदी सामने आई थी, लोगों के लिए एक सिलेंडर 30 हजार रुपए तक में खरीदना पड़ा था। जिला अस्पताल में बगैर ऑक्सीजन के तड़पकर कई की मौत हो गई थी। उस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर डॉक्टर के हस्ताक्षर से मिल रहे थे, आरआइ व पटवारी की ड्यूटी लगाई गई थी, रात के वक्त ड्यूटी डॉक्टर अटेंडरों को खोजने से नहीं मिल रहे थे, उधर बगैर ऑक्सीजन के मरीजों की जानें जा रहीं थीं। ऑक्सीजन की किल्लत देखते हुए 300 लीटर प्रति मिनट व 1500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन बनाने वाले दो प्लांटों की घोषणा की गई थी। एक प्लांट भारत पेट्रोलियम द्वारा स्वीकृत किया गया था, एक प्लांट की स्वीकृति सरकार ने दी थी। सरकार व बीपीएल द्वारा स्वीकृत प्लांट के लिए फाउंडेशन तैयार करा लिए गए हैं। इन दोनों प्लांट के लिए मशीन आने की जानकारी 2 जून को दी गई थी। इसके बाद तारीखें बढ़ती गईं, लेकिन अब तक एक भी ऑक्सीजन प्लांट की मशीन दमोह नहीं पहुंची है। दमोह शहर में निजी अस्पताल में शहर का पहला ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है, वहीं घोषणानुरूप जिला अस्पताल में अब तक ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीनें नहीं पहुंची हैं।
प्लांट की पाइप लाइन हो चुकी चोरी
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के लिए फाउंडेशन बनाने के साथ ही जिला अस्पताल तक ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन भी लगाई गई है। यह पाइप लाइन चुरा ली गई थी। नाबालिग चोर सहित लाइन खरीदने वाले बर्तन दुकानदार की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अब दूसरे फांडेशन की पाइप लाइन पर भी चोरी का खतरा बढ़ा हुआ है।
आदेश में होता रहा बदलाव
पहले 300 प्रति लीटर मिनट के प्लांट की घोषणा की गई, फिर 1500 प्रति लीटर मिनट की घोषणा हुई, जिसमें से एक प्लांट निरस्त कर 570 लीटर प्रति मिनट की गई थी। इसके बाद दो प्लांट 1500 लीटर प्रति मिनट की घोषणा की गई। इसके बाद अब फिर 300 और 1500 वाले प्लांट लगाए जाने की ही चर्चा चल रही है।
अब निजी कंपनी के प्लांट की आशा
बताया जा रहा है कि अब दमोह जिला अस्पताल में अब निजी कंपनी द्वारा लगाया जा रहा प्लांट ही लगना है, कब लगना है, इसकी निश्चित तारीख नहीं है। अब बताया जा रहा है कि 10 जुलाई को दमोह मशीन पहुंच जाएगी। यह मशीन 1 जुलाई को पहुंचना थी, जो 10 दिन की देरी से पहुंचने की संभावना बताई जा रही है।
तीसरी लहर की आशंका
दमोह जिले में तीसरी लहर की आशंका है, क्योंकि लोगों द्वारा कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कोरोना प्रोटोकाल का उल्लघंन देखते हुए अपने बयान में यह कह दिया कि यदि दमोह में तीसरी लहर आएगी तो वह स्वयं की गलतियों से आएगी। दमोह के लोग हर कदम पर कोरोना के मामले गलती कर रहे हैं, जिससे तीसरी लहर की आशंका बन रही है।