
aanasagar
हटा. भदभदा जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य की अनूठी मिसाल बना हुआ है। बारिश की फुहार ने इसे और भी मनमोहक बना दिया है। बटियागढ़ ब्लॉक के हारट गांव के समीप सुनार नदी पर प्राकृतिक रूप से बने इस जल प्रपात पर प्रकृति की अनुपम छटा बिखरी हुई है। बारिश के मौसम में इस जलप्रपात का सौंदर्य देखते ही बन रहा है।
सुनार की धार के बीच चट्टानों से निकलकर जब नदी का पानी नीचे की ओर गिरता है, उस समय नदी की धार दूध की धार का रूप ले लेती है। सागर जिले के गौरझामर गांव से निकली बटियागढ़ व हटा ब्लॉक की सीमा रेखा पर कलकल बहती सुनार नदी हारट के पास जलप्रपात के रूप में प्राकृतिक छटा बिखेरता है। यह भेड़ाघाट की तरह दृश्य उत्पन्न करता है।
हारट गांव से यहां जाने के लिए कच्चा रास्ता है। रास्ता दुर्गम होने के कारण मुख्य मार्ग से सैलानियों को पैदल यात्रा करनी पड़ती है। बारिश के दिनों मे यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे जलप्रपात तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है।
भदभदा जलप्रपात के आसपास पत्थरों का भंडार है। यहां मौजूद बड़ी बड़ी चट्टानों पर सैलानी उछलकूद करते देखे जा सकते हंै। उबड़-खाबड बिखरी पड़ी, इन चट्टानों पर जिस समय पानी बहता है। उस दौरान इन पर बैठकर सैलानी नहाने का मजा लेते हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण यहां से लगातार पत्थरों का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इससे इसकी छटा बिगड़ती जा रही है।
Published on:
03 Aug 2019 07:07 am
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