
CG Naxal News: ऑपरेशन अबूझमाड़ में जवानों की रणनीति को नक्सली भांप ही नहीं सके। इस बार उन्होंने रेड रिबन रणनीति का इस्तेमाल किया। इस बार जवानों ने अपनी पहचान के लिए लाल रिबन का इस्तेमाल किया था। ज्वाइंट ऑपरेशन में सैकड़ों की संख्या में जवानों का जंगल में होना और एक ( CG Naxal Encounter ) दूसरे को पहचानना भी बड़ा काम है। इसके लिए अधिकारियों ने जवानों को कोड नहीं दिया था। इस बार सभी जवानों को लाल रिबन का इस्तेमाल करवाया गया था।
CG Naxal News: ये लाल रिबन बाजू में बांधनी थी या फिर उनके पिट्ठू में बांधा गया था। जंगल में तमाम टुकड़ियों में जवान घूमते है। यदि जवानों की किसी टुकड़ी के पास रेड रिबन नहीं है तो वह निश्चत रूप से संदेही टुकड़ी है। जवान इस टुकड़ी को लाल लड़ाकों का ही जत्था मानेगें। इस तरह की टुकड़ी को देख फोर्स तत्काल एक्शन लेती है।
CG Naxal Encounter: लगातार जवान नक्सलियों की ही रणनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। थुलथुली, नेंदूर और गबाड़ी के जंगलों में हुई मुठभेड़ का एक और सच सामने निकल कर आ रहा है। नक्सली जवानों को हर बार चकमा देने में सफल होते रहे हैं। बस्तर में हुई पिछली तीन-चार मुठभेड़ों में नक्सलियों को मुंह की खानी पड़ी है। ऑपरेशन अबूझमाड़ में नक्सली चाहकर भी जवानों को चकमा या भ्रमित नहीं कर सके।
नक्सलियों का सुरक्षा घेरा 10 किमी के दायरे से शुरू हो जाता है। इस सूचना तंत्र को तोड़ना जवानों के लिए कई दसकों से परेशानी का सबब रहा है। अब इसे ताड़ने के लिए ठोस रणनीति बनाई गई है।
Updated on:
13 Oct 2024 11:40 am
Published on:
13 Oct 2024 11:40 am
