
CG News: राजस्व विभाग और रेरा के नियम को ताक पर रख भानुप्रतापपुर व आसपास के ग्राम पंचायतों में वर्षों से कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर जमीन की खरीदी बिक्री की जा रही हैं। इस अवैध काम में भूमाफियाओं को स्थानीय पटवारियों व राजस्व अधिकारियों का सहयोग मिल रहा है जिसके चलते भूमाफियाओं पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
बिना डायवर्सन के भूमि को दर्जनों टुकड़ो में काट कर करोड़ों की कमाई भूमाफिया कर रहे हैं और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे है। ऐसे अवैध की जांच किया जाए तो कई पटवारी व अधिकारियों पर गाज गिर सकती हैं। ग्राम केवटी के खसरा नम्बर 231 कृषि भूमि में दर्ज हैं जिसे भू माफिया अवैध रूप में कई टुकड़ों में प्लाटिंग कर बेच रहे है।
इसके लिए न तो रेरा के नियमों का पालन किया गया है और न ही कलेक्टर की अनुमति ली गयी है। क्षेत्र में ऐसे कई मामले हैं जिनमें अवैध प्लाटिंग कर कृषि भूमि की खरीदी बिक्री की जा रही है। शासन को लाखों की राजस्व हानि पहुंचा कर भूमाफिया और विभाग के अधिकारी अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं। यह खेल वर्षों से क्षेत्र में जारी है।
वैसे तो एक खसरा में तीन से अधिक भू खंड करने के बाद रोक लगाने की जिम्मेदारी तहसीलदार और एसडीएम की है। एक साल में कौन कौन से खसरा में कितने टुकड़ों में क्रय विक्रय किया गया इसकी रिपोर्ट एसडीएम को लेनी है। chhattisgarh news भूमाफिया को अवैध कालोनी खड़ी करने में अधिकारी मदद कर रहे हैं एवं अवैध बटांकन कर रहे हैं। अवैध प्लाटिंग का मामला विधानसभा पहुंच रहा तो जांच प्रक्रियाधीन बताकर अनुविभागीय अधिकारी अपने पटवारियों को बचाते रहते हैं।
CG News: भानुप्रतापपुर क्षेत्र में कृषि स्वामित्व की भूमि को कई टुकड़ो में काट कर करोड़ों की अवैध कमाई की जा रही है लेकिन कालोनाईज अधिनियम एवं भूमि विकास अधिनियम 1984 के नियम का पूर्णत: उल्लघंन किया गया है। वहीं भू-संपदा अधिनियम का भी उल्लघंन किया जा रहा है।
नियमानुसार एक खसरा को तीन से अधिक टुकड़ों में विभक्त करने पर अवैध प्लाटिंग के दायरे में आती है। 3 टुकड़ों से अधिक विभक्त होने पर रेरा में पंजीयन कराना भी आवश्यक होता है। परन्तु भानुप्रतापपुर क्षेत्र में पटवारियों व राजस्व अधिकारी की मिलीभगत से भूमाफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
Updated on:
18 Dec 2024 12:57 pm
Published on:
18 Dec 2024 12:56 pm

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