सोनी सोरी का भतीजा बताता है कि सीपीआईएम, सीपीआई रेड स्टार, सीपीआई एमएल आदिवासी सर्व समाज, डब्ल्यूएसएस और आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, पीयूसीएल इन सभी के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए थे। सभी की अपनी-अपनी ढपली और अपना राग था। इस बैठक में तिरंगे को लेकर सहमति नहीं बन पाई। हर मंच अपने सिंबल लेकर गोमपाड़ जाना चाहता है। यही वजह थी सोरी ने इनकार कर दिया और वहां स्पष्ट शब्दों में कहा तिरंगे के नीचे ही सत्याग्रह होगा।