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इंद्रावती को पार कर बच्चों का इलाज कर रहा चिरायु महिला दल

दंतेवाड़ा के गीदम ब्लाक में भी महिलाओं का एक छोटा सा दस्ता महज एक फीट चौड़ी और आठ फीट लंबी डोंगी से अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों में बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

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Ajay Shrivastava

Aug 25, 2016

chirayu scheme

Health facilities

दंतेवाड़ा.
जहाँ रियो में भारत की महिलाएं सिंधु और साक्षी कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर देश का परचम लहरा रही हैं वहीं दंतेवाड़ा के गीदम ब्लाक में भी महिलाओं का एक छोटा सा दस्ता महज एक फीट चौड़ी और आठ फीट लंबी डोंगी से अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों में बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।


चिरायु दल में तीन महिला सदस्य शामिल हैं जिन्होंने नदी पार के गांवों कौरगांव, तुमरीगुंडा, पाहुरनार, पदमेटा और चेरपाल पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जाच की। डोंगी के सदस्य नदी पार कर पैदल तीन से चार किमी की यात्रा कर दूरवर्ती गांवों में पहुंचते हैं। इस संबंध में चर्चा करने पर चिरायु दल के सदस्यों ने बताया कि हमें बहुत अच्छा लगता है कि हम अबूझमाड़ के गांवों में अपनी सेवा दे पाए हैं।


बच्चों के परीक्षण के दौरान हम रोग की आशंका से तुरंत इन्हें दवा दे देते हैं तथा गंभीर स्थिति होने पर रिफर कर देते हैं। इससे बहुत सारे मामलों में अच्छे नतीजे आए हैं। हम उन इलाकों में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहे हैं जहाँ हमारी पहुंच बेहद मुश्किल है। सीएमएचओ डॉ.एचएलठाकुर ने बताया कि जिले में चिरायु के तहत आठ दल गठित किए गए हैं। चिरायु कार्यक्रम से बाल स्वास्थ्य को उन्नत करने में बड़ी सफलता मिली है।


जज्बे के साथ स्वास्थ्य सेवा

गीदम स्थित चिरायु दल के सदस्यों में चिकित्सक डॉ. मौसमी बरवे, फार्मासिस्ट कुमारी सीमा देवांगन एवं नर्स चंपा केंवट शामिल हैं।


अब तक एक लाख बच्चों का परीक्षण

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु के तहत अब तक जिले में 1 लाख से अधिक बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण किया जा चुका है। जो बच्चे आंशिक रूप से बीमार पाए गए उनका मौके पर ही इलाज किया गया। लगभग 1400 बच्चों को इलाज के लिए रिफर किया गया।

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