31 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Naxal Surrender: नक्सल संगठन ढहने की कगार पर, पांच लाख के इनामी समेत 5 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Naxal Surrender: नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 5 लाख का इनामी नक्सली भी शामिल है।

2 min read
Google source verification
दंतेवाड़ा में 5 नक्सलियों ने किया सरेंडर (photo source- Patrika)

दंतेवाड़ा में 5 नक्सलियों ने किया सरेंडर (photo source- Patrika)

Naxal Surrender: दंतेवाड़ा में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक अहम सफलता सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा तय समय सीमा के अंतिम दिन पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इन सभी ने बस्तर आईजी सुंदरराज पी., सीआरपीएफ डीआईजी राकेश और कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

Naxal Surrender: आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगी सहायता

आत्मसमर्पण करने वालों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी की सदस्य सोमें कड़ती प्रमुख रूप से शामिल है, जिस पर राज्य शासन द्वारा 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह बीजापुर जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र के चेरली गांव की निवासी बताई गई है और लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थी।

इसके अलावा भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सदस्य लखमा पोयाम ने भी आत्मसमर्पण किया, जिस पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह बीजापुर के मिरतुर थाना क्षेत्र के बेचापाल गांव का निवासी है। इसी कड़ी में सरिता पोडियाम ने भी मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया, जो जांगला थाना क्षेत्र के हिंगुम गांव की रहने वाली है।

जोगी कलमू ने भी नक्सल संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण किया। वह बीजापुर जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के नेंड्रा गांव की निवासी है। इसके साथ ही गंगालूर एरिया कमेटी की सदस्य मोटी ओयाम ने भी हथियार छोड़ दिए। वह गंगालूर थाना क्षेत्र के पीडिया गांव की निवासी है। इन पर राज्य शासन द्वारा एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता दी जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं, सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और विकास कार्यों के चलते नक्सल संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में नक्सली अब आत्मसमर्पण का रास्ता अपना रहे हैं।

Naxal Surrender: मुख्यधारा में लौट रहे नक्सली

बस्तर संभाग, खासकर दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे जिले लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। सरकार ने नक्सलियों के लिए आकर्षक पुनर्वास नीति भी लागू की है, जिसमें आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता, रोजगार और समाज में पुनर्वास के अवसर दिए जाते हैं। इसके चलते हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।