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नक्सलियों ने किया आदिवासियों का समर्थन, बैलाडीला आंदोलन को और तेज करने की अपील

पिछले पांच दिनों से चल रहे आदिवासी आंदोलन (Tribal Movement) को नक्सलियों (naxalite) ने देने का ऐलान किया है। उन्होंने एस्सार इंडिया लिमिटेड कंपनी (essar india ltd) के पास मंगलवार को पर्चे फेंके हैं जिसमें बस्तर डिवीजन कमिटी की तरफ फेके गए पर्चे में कारपोरेट घराने अडानी के साथ किये गए समझौते को रद्द करने की मांग करते हुए आदिवासियों से अपील की है

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नक्सलियों ने किया आदिवासियों का समर्थन, बैलाडीला आंदोलन को और तेज करने की अपील

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा के किरंदुल में पिछले पांच दिनों से चल रहे आदिवासी आंदोलन (Tribal Movement) को नक्सलियों (Naxalite) ने देने का ऐलान किया है। उन्होंने एस्सार इंडिया लिमिटेड (essar india ltd) कंपनी के पास मंगलवार को पर्चे फेंके हैं जिसमें बस्तर डिवीजन कमिटी की तरफ फेके गए पर्चे में कारपोरेट घराने अडानी के साथ किये गए समझौते को रद्द करने की मांग करते हुए आदिवासियों से अपील की है। उन्होंने अपने पर्चे में लिखा है कि जल,जंगल और जमीन के लिए संघर्ष को तेज करें।इससे पहले भी नक्सली (Naxalite) इस आंदोलन (Tribal Movement) का समर्थन करने की बात कह चुके हैं।

ये है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आदिवासियों के एक बड़े समूह ने पिछले पांच दिनों से नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (NDMC) के चेकपोस्ट को घेर रखा है।बस्तर से अलग-अलग इलाकों से 5 हजार से अधिक संख्या में पहुंचे आदिवासी अपने देवता को बचाने के लिए धरना दे रहे हैं। आदिवासियों के इस धरना प्रदर्शन को राजनीतिक दलों के साथ ही तमाम ट्रेड यूनियन और अन्य वर्ग का भी समर्थन मिल रहा है।

आदिवासी बैलाडीला के नंदराज पहाड़ी (Nandraj mountain) पर खुदाई का विरोध कर रहे हैं। आदिवासियों का मानना है कि नंदग्राम पहाड़ की पूजा वे अपने कुलदेव के रूप में करते हैं, इसलिए वे उस पहाड़ की खुदाई होने नहीं दे सकते। इसको लेकर ही बीते 7 जून से सुबह तीन बजे से आदिवासियों का समूह एनएमडीसी के सामने धरना देकर प्रदर्शन कर रहा है। इस दौरान आदिवासी तीर धनूष सहित अपने पारंपरिक हथियार भी साथ रखे हैं। वहीं इस आंदोलन (Tribal Movement) से NMDC के करीब 25 सौ मजदूर खाली बैठे हैं। पहाड़ और अपनी सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए आदिवासियों का आंदोलन लगातार पांचवे दिन भी जारी है।