पीएमजीएसवाय माओवादियों के संसाधनों के नुकसान करने के निजात दिलाने के के लिए नया तरीका इजाद कर रहा है।
दंतेवाड़ा. पीएमजीएसवाय माओवादियों के संसाधनों के नुकसान करने के निजात दिलाने के के लिए नया तरीका इजाद कर रहा है। हॉट मिक्सर की जगह अब कोल्ड मिक्सर का इस्तेमाल किया गया है। यह नवाचार से पर्यावरण का भी प्रेमी है। इस प्रयोग के लिए दिल्ली की भी टेक्निकल टीम मौजूद रही। हालांकि हॉट मिक्सर से सड़क का निर्माण करना और कोल्ड मिक्सर काम की गति को प्रभावित करता है। हॉट मिक्सर से एक दिन में 1 किमी सड़क तैयार होती है और कॉल्ड मिक्सर से 200 मीटर ही तैयार होती है।
कोल्ड मिक्सर के इस्तेमाल से पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा
कोल्ड मिक्सर के साथ बहुत संसाधनों की जरूरत नही पड़ती है। कोल्ड मिक्सर के इस्तेमाल से पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। धुआं और आस-पास के लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। संवेदनशील इलाकों में सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार और विभाग को माओवादी भय बना रहता है। माओवादी वाहनों को आग के हावाले कर देते है और मारपीट भी करते हैं।
हॉट मिक्सर मशीन की जगह कोल्ड मिक्सर मशीन का उपयोग शुरू कर दिया
महंगे उपकरण और संसाधन को क्षति पहुंचाने से ठेकेदार और विभाग को ज्यादा नुकसान सहना पड़ता है। लेकिन अब जिले में विभाग और ठेकेदारों ने सडक निर्माण में हॉट मिक्सर मशीन की जगह कोल्ड मिक्सर मशीन का उपयोग शुरू कर दिया है। जानकारों के अनुसार कोल्ड मिक्सर मशीन से निर्माण कार्य कुछ धीमा हो जाता है, लेकिन इससे फायदा मजदूरों को मिलेगा। मशीनरी का उपयोग न होने से मजदूरों की संख्या काम में अधिक लगानी पड़ती है।
मंगलपोट में हो रहा इस विधि का प्रयोग
गीदम-बारसूर से मंगलपोट रोड बनाने में इस विधि का प्रयोग किया जा रहा है। सड़क निर्माण में लगे मशीन और उसकी गुणवत्ता को इंजीनियर परखने में लगे हुए हैं। विभाग के साथ जूनो मिक्स कंपनी के इंजीनियर भी मौजूद हैं। नुकसान कम के साथ मानव श्रम को भी बढावा मिलेगा। कोल्ड और हॉट मिक्सर मशीन से तैयार मटेरियल की गुणवत्ता में ज्यादा अंतर नहीं होता। कोल्ड मिक्सर मशीन से तैयार मटेरियल को सड़क पर बिछाने के दौरान इसका कलर ब्राउन होगा और कलर ब्लैक होने लगे तब इसकी रोलिंग की जाती है।
संसाधनों को नुकसान से बचाने नवाचार किया गया है
पीएमजीएसवाय के कार्यपालन अभियंता संतोष नाग ने बताया कि, संसाधनों को नुकसान से बचाने नवाचार किया गया है। कोल्ड मिक्सर मशीन का उपयोग किया जा रहा है। इससे पर्यावरण क्षति से बचने के अलावा मानव श्रम का भरपूर इस्तेमाल होगा।