
लॉकडाउन में स्कूली बच्चों के लिए ये एप साबित हो रहा वरदान, बच्चों को शिक्षा देने शिक्षकों की भी लगाई जाती है ऑनलाइन क्सासेस
दंतेवाड़ा . मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने कोरोना वायरस के चलते बच्चों के लिए पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाइन क्लास की योजना प्रारंभ की जो विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले की बालूद तरई टिकरापारा निवासी ग्रामीण छात्रा वीणा ठाकुर राज्य शासन की तुंहर पढ़ई तुंहर द्वार योजना में ऑन लाइन पढ़ाई का सबसे ज्यादा उपयोग करने में राज्य में अव्वल रही है। वीणा अपने मोबाइल पर प्राय: सभी ऑन लाइन कक्षाएं देखती हैं और इससे होम वर्क करना उसे ज्यादा अच्छा लगता है। शिक्षक यह होम वर्क जांच कर उसे वापस भेजते हैं। उसने लॉक डाउन के दौरान ऑन लाइन पढ़ाई के 800 से ज्यादा पाठ्य सामग्री मोबाइल पर देखे। जो राज्य भर में सबसे ज्यादा है।
अन्य विद्यार्थियों को भी स्थान मिले इस दिशा में और अधिक कार्य करने पर बल दिया जा रहा है। विकासखंड कुआकोंडा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरंदुल की व्याख्याता शिक्षिका श्रीमती नीतू नीरज पारधी द्वारा पढई तुंहर दुआर योजना का वेबेक्स के माध्यम से कक्षाएं एवम प्रश्नों के समाधान करने बच्चो को ऑनलाइन कक्षा के लिए प्रेरित करने व लाभ दिलाने के लिए बहुत अच्छा कार्य किया जा रहा है। शिक्षिका को सीजी स्कूल डॉट कॉम के पोर्टल पर स्थान भी मिला है।
इसी प्रकार विकासखण्ड गीदम संकुल रोंजे, माध्यमिक शाला नागफनी से शिक्षिका माधुरी उइके द्वारा बच्चों को मोबाईल के माध्यम से पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम से जुडऩे उनके पालको से चर्चा किया गया। शिक्षिका द्वारा वॉट्सएप्प के माध्यम से पहले ग्रूप बना कर ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही थी। अब बच्चो एवं पालको को पोर्टल पर कैसे कार्य करे घर घर जाकर बताया जा रहा है। शासन की महत्वपूर्ण योजना पढ़ई तुंहर दुआर का जिले में सभी बच्चो को लाभ मिले इस ओर जिले के सभी शिक्षक एवं अधिकारी निरंतर प्रयास कर रहे है। बीच बीच में जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी, खण्ड स्त्रोत समन्वयक एवं समस्त संकुल समन्वयक उपस्थिती के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग होती है जिसमें पढ़ई तुंहर दुआर योजना का लाभ सभी बच्चो को मिले आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं।
Published on:
10 Jun 2020, 2:23 PM IST
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