
जिस सड़क की सुरक्षा के लिए एक दर्जन जवान हुए शहीद, अब तकनीकी खामियों के चलते बहने की कगार पर
Road Damaged in Dantewada: नक्सलियों के गढ़ को भेदकर अरनपुर-जगरगुंडा के बीच जिस सड़क का निर्माण कराने में 3 वर्ष पूर्व 5 जवानों ने नक्सलियों की गोलीबारी में अपनी शहादत दी और एक को प्रेशर आईडी की चपेट में आकर पैर गंवाना पड़ा, वह सड़क निर्माण एजेंसी की तकनीकी खामियों के चलते क्षतिग्रस्त होने लगी है। डेढ़ दशक से बन रही इस सड़क की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के 5 कैम्प स्थापित किए गए है और इस दौरान इस एक दर्जन जवान शहीद हो चुके है।
सुकमा व दंतेवाड़ा जिले को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर बरसाती पानी के निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क के ऊपर से पानी बहने लगता है और भू-स्खलन जैसी स्थिति बन जाती है। कोंडापारा से कोंडासावली के बीच घाट पर कई जगहों पर मिट्टी के कटाव के चलते सड़क की रिटेनिंग वॉल क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
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500 से ज्यादा प्रेशर आईडी बरामद
इस सड़क के निर्माण में नक्सलियों की चुनौती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क के निर्माण के दौरान सुरक्षा बलों ने अरनपुर से कमारगुड़ा के बीच नक्सलियों द्वारा लगाए गए 500 से ज्यादा प्रेशर आईडी को तलाश कर निष्क्रिय कर दिया। इसी दौरान नक्सलियों की फायरिंग में सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हुए और एक जवान प्रेशर आईईडी की चपेट में आकर अपना पैर गंवा बैठा।
इस मामले में दंतेवाड़ा लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.एल. ठाकुर ने कहा, बारिश की वजह से सड़क थोड़ी क्षतिग्रस्त हुई है। इसे ठीक करवा लिया जाएगा। ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। अभी नक्सली सप्ताह चल रहा है, इस वजह से काम बंद है।
Published on:
04 Dec 2022 05:32 pm
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