चुनावी माहौल में पूर्णिया जिले में राजद से जुड़े दलित समुदाय से आने वाले नेता शक्ति मलिक की हत्या के बाद सनसनी फैल गई (Mahagathbandhan Accept Murder Accused Tejashwi Yadav As CM Face Sushil Modi Questioned) (Bihar News) (Darbhanga News) (Sushil Modi On Tejashwi Yadav) (Purnia News) (Bihar Election 2020) (Tejashwi Yadav) (Tej Pratap Yadav) (Dalit Leader Shakti Malik Murder)...
पूर्णिया,दरभंगा: बिहार चुनाव के आगाज के साथ ही राजनीतिक पार्टियों में हलचल बढ़ गई थी। अब टिकट वितरण के काम में सभी पार्टियां व्यस्त हैं। इस चुनावी माहौल में पूर्णिया जिले में राजद से जुड़े दलित समुदाय से आने वाले नेता शक्ति मलिक की हत्या के बाद सनसनी फैल गई। मामले ने और भी तूल पकड़ लिया जब इसका आरोप लालू यादव के बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव पर लगा। इसके बाद से ही राजद विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई है। बीजेपी और जेडीय नेता तेजस्वी व तेजप्रताप पर जमकर हमला बोल रहे हैं।
बिहार चुनाव में भाग लेने के लिए मुख्स विपक्षी दलों कांग्रेस, वाम दल और राजद ने महागठबंधन बनाया है। राजद नेता तेजस्वी यादव महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार है। ऐसे में उन पर हत्या का आरोप लगने से सभी सहयोगी दलों के चेहरे पर पसीना आ गया है। इधर बीजेपी नेता सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा कि परिवारवादी राजद ने बिना सहयोगी दलों की राय लिए और दलितों-पिछड़ों की दो पार्टियों को अपमानित कर जिस व्यक्ति को सीएम-फेस बनाने की जिद पूरी की, उस राजकुमार के चेहरे पर पूर्णिया के युवा दलित नेता की हत्या का आरोप लगा। सुशील मोदी कांग्रेस और वामदल से पूछा कि वह बताए कि क्या चुनाव लड़ने का टिकट देने के बदले 50 लाख मांगने और हत्या कराने का आरोपी सीएम-फेस महागठबंधन को मंजूर है।
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी तेजस्वी और तेजप्रताप को घेरा। उन्होंने कहा कि 40 साल के दलित नेता की हत्या कर दी गई। उनकी पत्नी ने तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव पर साफतौर से उगाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने जो मामला दर्ज करवाया है उसमें इन दोनों भाइयों के नाम हैं। बिहार और भारत की जनता तेजस्वी और तेजप्रताप से सवाल पूछती है कि एक ओर वे सामाजिक समरसता और सामाजिक न्याय की बात करते हैं, दूसरी ओर उनकी अपनी ही पार्टी के दलित नेता की हत्या हो जाती है।
राजद और महागठबंधन पर हमला करने में जदयू भी पीछे नहीं है। जदयू ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी ने शक्ति मलिक से 50 लाख रुपए पहले और 20 लाख रुपए टिकट फाइनल होने के बाद मांगे थे। मना करने पर शक्ति को 'जातिसूचक' शब्द कहे गए। वहीं, अजय आलोक ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह इस मामले में संज्ञान लेते हुए सीबीआई से जांच कराए।
गौरतलब है कि राजद के दलित नेता शक्ति मलिक को पूर्णिया में रविवार सुबह गोली मार दी गई। शक्ति का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने तेजस्वी यादव पर 50 लाख रुपए मांगने और पैसे देने से इंकार करने पर हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं, शक्ति की पत्नी के बयान पर पुलिस ने तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया है।