
इस बीमारी से निपटने के लिए चमगादड़ व सूअरों का झूठा मत खाना
दतिया. निपाह वायरस की बीमारी चमगादड़ एवं सुअरों के माध्यम से मनुष्य में फैलने वाली होती है। जिसके सामान्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी-दस्त, बेहोशी आने के लक्षण होते हंै।
कलेक्टर वीरेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को निपाह वायरस से होने वाले खतरे के प्रति लोगों में जागरुकता लाने तथा इसके लक्षण तथा बचाव के उपाए के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते हुए उन्हें निर्देशित किया कि निपाह वायरस से पैदा होने वाली बीमारी तथा बचाव के उपाए के प्रति लोगों में जागरुक करें। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग आदि सतर्कता से काम करें। ज्ञात रहे कि केरल राज्य में गत दिनों निपाह वायरस की बीमारी के केस पाएगएहै जिनमें कुछ लोगों की मृत्यु भी बताईजा रही है। बैठक में बताया गया कि
बैठक में बताया गया कि राज्य स्तर से निपाह वायरस से फैलने वाले रोग की रोकथाम भारत शासन की गाइड लाइन प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जनों को भेज दी गईहै। सामान्य रूप से यह बीमारी सीमित क्षेत्र में होती है। अत: इसके लिएआमजन घबराएं नही और न ही भयभीत हो।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत संदीप माकिन, संयुक्त कलेक्टर विवेक रघुवंशी, एसडीएम दतिया वीरेन्द्र कटारे, सेंवढ़ा अशोक सिंह चौहान, भाण्डेर रमेश वंशकार, डिप्टी कलेक्टर राकेश परमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप उपाध्याय, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हेमंत गौतम थे।
बीमारी से बचाव के लिए ये रखें सावधानियां
बड़ी चमगादड़ो के द्वारा खाए हुए अपशिष्ट फलों का सेवन न करें, ताड़ी का सेवन न करें, बड़ी चमगादड़ों के संपर्क से बचें, संभावित निपाह वायरस बीमारी के रोगी से दूर रहे व उससे संपर्क न करें। केरल राज्य से आने वाले आगन्तुकों तथा बड़ी चमगादड़ों के निकट रहने वाले लोगों में निपाह वायरस बीमारी के लक्षण पाएजाने पर तत्काल शासकीय अस्पताल के चिकित्सक से अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराएं।
Published on:
07 Jun 2018 05:08 pm
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