18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्राकृतिक खेती तकनीक को अपनाए किसान

तीन दिवसीय तकनीकी दिवस कार्यक्रम का हुआ समापन  

less than 1 minute read
Google source verification
प्राकृतिक खेती तकनीक को अपनाए किसान

प्राकृतिक खेती तकनीक को अपनाए किसान

प्राकृतिक खेती तकनीक को अपनाए किसान
दतिया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के स्थापना दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र दतिया के द्वारा तीन दिवसीय तकनीकी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन के तीसरे दिवस समापन अवसर पर मिलेट्स को भोजन में शामिल करने एवं प्राकृतिक खेती तकनीक पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के अवसर पर केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आरकेएस तोमर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जलवायु में हो रहे परिवर्तन एवं मृदा, जल और वायु में हो रहे प्रदूषण के कारण मानव एवं पशुओं के स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए मिलेट्स को अपने भोजन में शामिल करें। साथ ही कृषि में प्राकृतिक खेती तकनीक को अपनाए। वहीं डॉ. नरेश गुप्ता द्वारा किसानों को गौ आधारित प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक सामग्री एवं उनसे बनाए जाने वाले प्राकृतिक अव्यवों जैसे बीजामृत, जीवामृत के साथ-साथ प्राकृतिक कीटनाशकों जैसे नीमास्त्र, अग्निशास्त्र इत्यादि के निर्माण एवं उपयोग की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. एसके सिंह, डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. एके सिंह, डॉ. राजीव सिंह ने भी कृषि की नई-नई तकनीकी के बारे में किसानों को बताया। साथ ही किसानों की खेती संबंधी जिज्ञासा का भी समाधान किया। डॉ. व्हीएस कंसाना ने किसानों को विभिन्न प्रकार के मिलेटस के उत्पादन एवं उनसे बनने वाले व्यंजनों की जानकारी दी।