
indian cobra smuggling
cobra smuggling. इंदरगढ़ थाना पुलिस ने वन्य जीव इंडियन कोबरा की तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वन्य जीव को बैग में रख कर ले जा रहे थे। पुलिस ने वन्य जीव को वन विभाग के सुपुर्द करने के बाद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इंडियन कोबरा के साथ पकड़े गए तीनों आरोपी उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि इंडियन कोबरा की कीमत इंटरनेशनल बाजार में करोड़ों रुपए में है।
एसडीओपी सेंवढ़ा अखिलेश पुरी गोस्वामी ने बताया कि अवैध गतिविधि करने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति सेनपुरा पुलिया के पास बैग में अवैध रूप से सांप रखे हुए हैं और कही जाने की फिराक में हैं। मुखबिर ने बताया कि तत्काल दबिश दी जाए तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता है।
मामला वन्य जीव से संबंधित होने से इस मामले में प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे व वन विभाग रेंजर सेंवढ़ा शैलेन्द्र गुर्जर को भी अवगत कराया गया तथा थाना प्रभारी इंदरगढ उपेंद्र दुबे को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वन विभाग एवं इंदरगढ़ थाना पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से मुखबिर के बताए स्थान पर दबिश दी तो तीन व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे लेकिन उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
इंदरगढ़ थाना प्रभारी उपेंद्र दुबे ने बताया कि भागने का प्रयास करने वालों को पकड़ कर नाम, पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम, पता क्रमश: मुबारिक खान निवासी करई थाना समथर, फिरोज खान निवासी जाजेपुरा थाना रामपुर जिला जालौन एवं तीसरे ने अपना नाम अजमेरी पुत्र बाबू खान निवासी जाजेपुरा थाना रामपुर जिला जालोन उत्तरप्रदेश का होना बताया। आरोपियों के बैग की तलाशी लेने पर बैग में एक इंडियन कोबरा सांप मिला।
आरोपियों के कब्जे से बरामद किए गए सांप की इंडियन कोबरा के रूप में पहचान वनकर्मी सुनील बसेडिय़ा द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अनुसूची 2 के क्रमांक 11 पर अंकित वन्य जीव के रूप मे की गई। इस पर आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर बरामद जीवित सर्प को वन विभाग टीम के सुपुर्द कर आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
बताया जाता है कि कई हाईप्रोफाइल लोग सांप के जहर का इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं। रेव पार्टियों में इसका इस्तेमाल करने की बातें कुछ समय से मिल रही हैं। बताया जाता है कि सांपों को लेकर लोगों के मन में एक फोबिया होता है कि सभी जहरीले होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते हैं। महज तीस फीसदी सांप जहरीले होते हैं। इन जहरीले सांपों के जहर का इस्तेमाल कुछ लोग नशे के लिए करते हैं। इस ऐसे सांप का जहर लेते हैं, जिससे दिमाग सुन्न हो जाता है। हालांकि इसके जहर की डोज बहुत हल्की रखी जाती है, क्योंकि इसका डोज पैरालाइसेस अटैक भी कर देता है। इसका हल्का सा जहर आदमी के दिमाग को कुछ घंटे के लिए सुन्न कर देता है। इसका नशा बाकी नशों से अलग और काफी तेज होता है। हालांकि इससे मौत भी हो सकती है।
इसका बाजार काफी बढ़ रहा है। इसकी तस्करी भी काफी होने लगी है। कोबरा के एक ग्राम जहर की कीमत चार हजार रुपए से लेकर 26 हजार रुपए तक बताई जाती है। सांप जितना जहरीला होगा, उसका रेट भी अधिक होगा। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत और भी कई गुना ज्यादा है। एक लीटर जहर की कीमत तो कई करोड़ रुपए तक हो सकती है। 200 सांपों के जहर को मिलाकर एक लीटर जहर निकाला जाता है। गौरतलब है कि पहले यूट्यूब और फिर बिग बास की ट्राफी जीतकर मशहूर हुए एल्विश यादव (Elvish Yadav) भी ऐसे ही विवादों में घिर गए थे। एल्विश पर आरोप था कि वो पार्टियों में कोबरा जैसे जहरीले सांपों के जहर की सप्लाई करने में शामिल था।
Updated on:
22 Feb 2024 01:22 pm
Published on:
22 Feb 2024 01:15 pm
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