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संस्कृत, योग, दर्शन व शास्त्रों की शिक्षा के लिए नहीं जाना पड़ेगा काशी : मथुरा

जिले में स्थापित होगा संस्कृत विश्वद्यालय उज्जैन का परिसर

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संस्कृत, योग, दर्शन व शास्त्रों की शिक्षा के लिए नहीं जाना पड़ेगा काशी : मथुरा

भोपाल में मंत्री डॉ. मिश्रा को मांग पत्र देता शिष्टमंडल।

दतिया. जिले के विकास में एक और अध्याय जुडऩे वाला है। स्थानीय विद्वानों व अन्य लोगों की मांग पर उज्जैन के संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने के लिए प्रदेश के गृहमंंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखा है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले साल तक यहां संस्कृत, व्याकरण, योद, दर्शन, वास्तु, ज्योतिष व धर्मशास्त्रों की शिक्षा के लिए परिसर शुरू हो जाएगा। अभी तक इन विधाओं की शिक्षा लेने बालिका व बालकों को काशी, मथुरा, चित्रकूट या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है।


अभी जिले के ऐसे होनहार बालक-बालिकाएं जो संस्कृत, व्याकरण, शास्त्रों की शिक्षा लेना चाहते हैं उन्हें मथुरा, काशी, चित्रकूट या फिर कर्नाटक जाना पड़ता है। ऐसे बच्चों व युवाओं को अन्य विधाओं में बढ़ाई की चिंता करते हुए जिले के गणमान्य नागरिकों का शिष्टमंडल पिछले हफ्ते संस्कृति, संस्कृत, संस्कार शिक्षा समिति ग्राम बरोदी के उपाध्यक्ष पं. रामबाबू शर्मा की अगुवाई में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के आवास पर जाकर मिलेे थे। उन्होंने एक पत्र लिखकर उज्जैन विश्वविद्यालय का परिसर खोलने की मांग की थी । मांग को देखते ही डॉ. मिश्रा ने तत्काल ही उज्जैन के संस्कृत विश्वविद्यालय के कु लपति डॉ. अखलेश कुमार पांडेय को पत्र लिखा। पत्र पाने के बाद इस पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। भोपाल जाकर डॉ. मिश्रा से मिलने वालों में शिक्षक ऋषिराज मिश्रा अनिल तिवारी, भू-वैज्ञानिक कमरारी प्रदीप मिश्रा। इस काम के लिए मंत्री डॉ. मिश्रा ने उज्जैन के संस्कृत विश्वविद्यालय में पदस्थ प्रो. डॉ. उपेन्द्र भार्गव को प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। बताया जा रहा हैै कि अभी इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके बाद वह स्थान चिह्नित किया जाएगा जहां उक्त परिसर बनाया जाना है।


इन विधाओं के कोर्स होंगे संचालित

उज्जैन के महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नातक स्तर के ज्योतिष, पौरोहित एवं कर्मकांड, पुराण, धर्मशास्त्र, वेदांग, जैन दर्शन, बौद्ध व सर्वदर्शन के डिग्री कोर्स कराए जाएंगे वहीं पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के सभी विधाओं के कोर्स भी कराए जाएंगे। खास बात यह है कि जो विद्यार्थी सामान्य विषयों से स्नातक कर कर चुके हैं उन्हें भी मौका दिया जाएगा। यही नहीं योग, वैदिक गणित, कर्मकांड व अन्य विधाओं में कोर्स कराए जाएंगे। खास बात यह है कि सभी के लिए नियमित रूप से पढ़ाई कराई जाएगी। यही नहीं यहां इन विषयों पर शोध भी कराया जाएगा।


प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा भेजा गया पत्र विश्वविद्यालय को प्राप्त हो चुका है। दतिया मेंं संस्कृत विश्वविद्यालय का परिसर शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
डॉ. प्रशांत पौराणिक, रजिस्टार, महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन