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कानून की जानकारी महिलाओं को अपराधों से प्रदान करती है सुरक्षा:डॉ. किरण

महिलाओं के विरूद्ध अपराध, कारण, निवारण को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित  

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कानून की जानकारी महिलाओं को अपराधों से प्रदान करती है सुरक्षा:डॉ. किरण

कानून की जानकारी महिलाओं को अपराधों से प्रदान करती है सुरक्षा:डॉ. किरण

कानून की जानकारी महिलाओं को अपराधों से प्रदान करती है सुरक्षा:डॉ. किरण
दतिया। कानून की जानकारी और जागरूकता महिलाओं को अपराधों से सुरक्षा प्रदान करती है। उक्त बात विधि महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. किरण बाला ने महिलाओं के विरूद्ध अपराध, कारण, निवारण को लेकर शासकीय पीजी कॉलेज दतिया में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्यवक्ता कही।

उन्होंने विभिन्न अनुच्छेदों और भारतीय दण्ड सहिंता की धाराओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनी उपबंधों के बारे में बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। तत्पश्चात् कॉलेज प्राचार्य डॉ. डीआर राहुल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। वहीं कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की समन्वयक एवं राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. जयश्री त्रिवेदी ने बताया कि यह कार्यशाला महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों को रोकने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इसीक्रम में उपनिरीक्षक अर्चना पाल ने बताया कि छात्राओं को होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और यदि कोई उन्हें परेशान करता है तो इसकी शिकायत नजदीकी थाने या प्रदान किए गए हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से करना चाहिए। अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय श्रीवास्तव ने बताया कि भारत में नारी को शक्ति स्वरूप माना गया है उनके आशीर्वाद में ही मानव के उत्थान का रहस्य छिपा है। हमें सदैव नारी का सम्मान करना चाहिए। एसबीआई अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कानून की जानकारी ही महिलाओं को अपराधों से बचा सकती है।हमें समय के साथ बदलनी होगी अपनी सोच

कार्यशाला के अवसर पर समाजशास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. वासुदेव सिंह जादौन ने बताया कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की एक लंबी श्रृंखला रही है। जिसके लिए रूढि़वादी मानसिकता उत्तरदायी है। हमें समय के साथ अपनी सोच को बदलना होगा। कार्यशाला का संचालन डॉ. ममता शर्मा ने एवं आभार डॉ. सीमा माग्रेट ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. एसके श्रीवास्तव, डॉ. इला द्विवेदी, डॉ. प्रतिभा पाण्डेय, डॉ रजनी सिंह, सुधीर पाण्डेय, डॉ. एसआर लाहोरिया, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. कामिनी वर्मा, डॉ. योगेश यादव, विनोद कुमार, डॉ. अंजना गुप्ता, डॉ. हेमलता गुप्ता, डॉ. मुकेश गुर्जर, बृजकिशोर रायकवार आदि उपस्थित रहे।