
बरौदी, बनवास, धौड गांव में आए लोगों ने बढ़ाई चिंता
जिगना/दतिया. बरौदी व बनवास में मुंबई गुजरात से आए दस लोग की महज औपचारिक जांच की गई जबकि खूजा के धौड गांव में आए दस से ज्यादा लोगों की जांच में प्रशासन ने शनिवार को कोई रुचि नहीं दिखाई। स्थानीय ग्रामीणों ने इनकी जिला चिकित्सालय में पुख्ता जांच कराने की मांग की है।
दरअसल मुंबई में मजदूरी करने वाले एक परिवार समेत बरोदी गांव के दस लोग शनिवार को अपने घर पहुंचे।उन्हें खांसी-जुकाम व बुखार की शिकायत थी। गांव वालों ने कोरोना होने के संदेह में सूचना जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को दी। मौके पर टीम पहुंची भी पर टीम न सभी को यात्रा की थकान बताते हुए आराम करने की सलाह दी। उधर गांव के लोग भारी आक्रोशित थे। उनका कहना था कि अगर कोरोना नहीं है तो भी उनकी जांच डॉक्टरों द्वारा की जानी चाहिए । जिले के बनवास गांव में ही यही हालात बने । गांव का दामाद गुजरात के अहमदाबाद में नौकरी करता है। उसे भी खांसी जुकाम की शिकायत थी और वह अपनी ससुराल में आया तो गांव वालों ने उसे गांव में रहने पर आपत्ति जताई।
असल में मुंबई से आए लोगों की हालत देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना जिला मलेरिया अधिकारी डॉ हेमंत गौतम को दी। इस पर टीम बरौदी पहुंची। उन्होंने संदेही युवक व उसके माता-पिता से बात कर समझाइश दी पर जांच के लिए अस्पताल नहीं लाए। वहीं विभाग की टीम जिले के बनवास गांव पहुंची। यहां भी कोरोना का संदिग्ध माना जा रहा था। गांव वालों की सूचना पर युवक से बात की पर टीम ने किसी की जांच नहीं कराई। और उन्हें यात्रा की थकान बताया। बनवास व बरोदी समेत आसपास के ग्रामीणों का कहना था कि इनकी जिला चिकित्सालय में जांच कराई जाए। उधर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हेमंत गौतम ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम बरोदी व बनवास गांव में पहुंची थी। मुंबई से बरोदी में दस लोग पहुंचे हैं। अहमदाबाद से बरवास में एक युवक पहुंचा है किसी में कोरोना की पुुष्टि नहीं हुई।
Published on:
21 Mar 2020 10:52 pm
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