
पौधों का सरंक्षण भी आवश्यक:सूर्यवंशी
पौधों का सरंक्षण भी आवश्यक:सूर्यवंशी
दतिया। पौधे लगाने में तो सभी तत्परता दिखा रहे हैं, लेकिन इन पौधों के सरंक्षण करने वाले हाथ कमजोर पड़ गए है। यही बजह है कि हर साल रोपे गए करीब 60 फीसदी पौधे तो अपने जीवन का पहला चक्र पार करने के पहले ही दम तोड़ देते है। उक्त बात वन परिक्षेत्र अधिकारी विनीता सूर्यवंशी ने वनमंडल के द्वारा विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय स्थित वन स्टॉप सेंटर में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि लोगों की लापरवाही से हर वर्ष जंगल धधक उठते हैं, इससे वनों की क्षति के साथ-साथ वन्य जीवों का जीवन भी खतरे में आ जाता है। इसके प्रति सचेत होने की आवश्यकता है। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी डॉ. राजू त्यागी ने कहा कि वन धरती के हरे-भरे फेफड़े हैं। वन संपूर्ण मानवता को स्वच्छ वायु और जल उपलब्ध कराते हैं। वनों का सरंक्षण अर्थात मानवता का सरंक्षण है। इसलिए आइए पौधों के रोपण करने के साथ-साथ उनकी देखभाल करने का भी संकल्प लें। वन पर्यावरण स्थिरता और पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने के साथ ही आजीविका, वनस्पतियों और जीवों की विविधता एवं जैव विविधता का भी स्रोत है। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। पौधरोपण के उपरांत सभी को पौधे वितरित कर उन्हें रोपने के साथ सरंक्षित करने की अपील की गई। इस अवसर पर इंदर सिंह रावत, अरूण सिद्ध, राहुल शर्मा, प्रदीप बसेडिया, चंद्रप्रताप परमार, रश्मि दीक्षित, कमला साहू, रीना गौतम, राजीव पांडेय, दिव्यांशु मिश्रा, भूमिका नरवरे, अनिल कोल आदि उपस्थित रहे।
Published on:
22 Mar 2023 11:57 am
बड़ी खबरें
View Allदतिया
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
