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28 दिन और बढ़ाई सफाई कर्मचारियों की सेवाएं, शहर फिर भी गंदा

स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर बढ़ाई कर्मचारियों की सेवाएं, प्रशासन ने सीमित संसाधनों में साफ रखा था शहर

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28 दिन और बढ़ाई सफाई कर्मचारियों की सेवाएं, शहर फिर भी गंदा

28 दिन और बढ़ाई सफाई कर्मचारियों की सेवाएं, शहर फिर भी गंदा

28 दिन और बढ़ाई सफाई कर्मचारियों की सेवाएं, शहर फिर भी गंदा
दतिया। नगरपालिका में सफाई कर्मचारियों की भर्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व में नियुक्त किए गए कर्मचारियों की सेवाओं को नगरपालिका ने 28 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। सफाई कर्मचारियों की यह प्रक्रिया शुरू से ही विवादों के घेरे में है। नगरपालिका द्वारा आधा सैकड़ा से अधिक सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाने के बाद भी शहर में जगह - जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। जबकि परिषद के गठन से पूर्व कलेक्टर ने प्रशासक के तौर पर बगैर सफाई कर्मचारी बढ़ाए सीमित संसाधनों में स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को सम्मानजनक स्थान दिलाया था।

नगरपालिका द्वारा पीतांबरा माई के प्राकट्योत्सव के रूप में मनाए जाने वाले गौरव दिवस और स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर आधा सैकड़ा से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। नगरपालिका द्वारा अस्थाई रूप से भर्ती किए गए इन कर्मचारियों का कार्यकाल 28 मई को पूरा हो चुका है। लेकिन कर्मचारियों को हटाने के स्थान पर 28 दिन के लिए सेवाएं और बढ़ा दी गई हैं। कर्मचारियों को हटाए जाने के स्थान पर कर्मचारियों की सेवाएं और बढ़ा देने की बजह से पार्षदों में भी अंदर ही अंदर नाराजगी पनप रही है लेकिन पार्षद मजबूरी में अपना विरोध दर्ज नहीं करा पा रहे हैं।

यह है नाराजगी की बजह

नगरपालिका में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जांच की जद में है। पार्षदों की नाराजगी की बजह यह है कि भर्ती प्रक्रिया में एक पूर्व पार्षद के परिवार के सदस्यों के अलावा ऐसे कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है जो ड्यूटी पर आ ही नहीं रहे और कागजों में उनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। सफाई कर्मचारियों की भर्ती में बास्तविक जरूरतमंंंद लोगों को अवसर न दिए जाने से बाल्मीकि समाज के लोग नाराज हैं।

शहर में जगह - जगह गंदगी के ढेर

नगरपालिका द्वारा आधा सैकड़ा से अधिक सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाने के बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में हैं। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढऩे के बाद भी शहर में जगह - जगह गंदगी के ढेर आसानी से देखे जा सकते हैं। यह गंदगी के ढेर स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंक गिरवा सकते हैं।

शहर को मिली थी सम्मानजनक रैंक

परिषद से गठन से पूर्व नगरपालिका की व्यवस्थाएं प्रशासक के रूप में कलेक्टर संजय कुमार देख रहे थे। स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आने से पूर्व उन्होने कई नवाचार किए। प्रशासक द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आने से पूर्व सफाई कर्मचारियों की भर्ती किए बगैर नवाचारों के माध्यम से शहर को देश में 63 वीं रैंक और प्रदेश में 20 वां स्थान मिला था। इस बार सफाई व्यवस्था चौपट है। जबकि इसी माह के अंत तक स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आने की संभावना है।

पहले से पर्याप्त सफाई कर्मचारी

नगरपालिका में पहले से ही पर्याप्त सफाई कर्मचारी है। स्वच्छता सर्वेक्षण और गौरव दिवस के नाम पर भर्ती किए गए 53 कर्मचारियों को छोड़ दिया जाए तो नगरपालिका के पास करीब 55 स्थाई और 352 अस्थाई कर्मचारी हैं।

इस माह स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम आने वाली है। टीम माह के अंत तक आने की संभावना है। इस बजह से गौरव दिवस के लिए नियुक्त किए गए कर्मचारियों की सेवाओं को 28 दिन के लिए और बढ़ाना पड़ा है

अनिल कुमार दुबे सीएमओ